कैसे भेजें रिकवरी का नोटिस, हैं प्रयागराज शहर के और पता गांव का
बेसिक शिक्षा विभाग की भी शिथिलता, अभी तक पहली नोटिस भी जारी नहीं
सिद्धार्थनगर। फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हासिल करके सरकारी धन हड़पने वाले फर्जी शिक्षकों से वसूली में विभागीय जिम्मेदार शिथिल हैं। जिले में अब तक 121 शिक्षकों को फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हासिल करने के आरोप में केस दर्ज करके जेल भेजा जा चुका है। लेकिन लगभग पांच साल पहले हुई बर्खास्तगी में अब तक 50 शिक्षकों के वेतन भुगतान का ब्यौरा विभाग जुटा पाया है। इन शिक्षकों को 44.61 करोड़ रुपये भुगतान हुआ है। जिसकी रिकवरी होनी है, लेकिन अभी तक इन्हें नोटिस तक जारी नहीं हुआ है। एसटीएफ के रडार पर कुछ और शिक्षक हैं, जो जल्द ही जांच व कार्रवाई के जद में आ सकते है।
जिले में फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हासिल करने का सिलसिला बहुत पुराना है। लगभग पांच साल पहले एसटीएफ ने जब जिले में फर्जी शिक्षक भर्ती का भांडाफोड़ किया तो पता चला कि वर्ष 1990 से यहां फर्जीवाड़े का खेल चल रहा है। दूसरे के दस्तावेज पर दूसरा व्यक्ति नौकरी कर रहा है। जांच का दायरा बढ़ता गया और फर्जीवाड़ा करने वालों की लिस्ट लंबी होती चली गई। अब इनकी संख्या 121 पहुंच गई है। जिन्हें बर्खास्त किया गया। विभागीय जिम्मेदारों के तहरीर पर अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी सहित अन्य धारा में केस दर्ज किया गया। इसमें गिरफ्तारी करके जेल भेज भी गए।
जमानत पर बाहर आ चुके हैं। इसमें रिकवरी की स्थिति बेहद खराब है। पांच साल में विभाग की ओर से लंबे समय से कार्य करने वाले 50 शिक्षकों को दिया गया वेतन का हिसाब कर पाया है। इन्हें वेतन मद में 44618118 रुपये का भुगतान दिया गया है। विभाग ने इनसे वेतन रिकवरी की कार्रवाई शुरू की पर जिम्मेदारों की लापरवाही से यह अभी तक परवान नहीं चढ़ सका है। इनकी सूची बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय से बनकर तैयार है पर इसे अग्रिम कार्रवाई के लिए डीएम को नहीं भेजा जा सका है।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जनपद में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर अब तक जिले में 121 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है। इनमें 20 ऐसे फर्जी शिक्षक पाए गए हैं, जिनकी तैनाती 1990 या उसके बाद हुई थी। यह 25 से 30 वर्ष पहले से ही नौकरी कर रहे थे। इनका आंकड़ा तैयार किया गया है। यह पीएफ धारक भी हैं। जबकि 47 फर्जी शिक्षकों के वेतन भुगतान की राशि को जोड़ा जाना है।
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बर्खास्त शिक्षकों को अब तक किये गए वेतन भुगतान की राशि का ब्योरा एकत्र किया जा चुका है। इसकी सूची वित्त एवं लेखाधिकारी से मांगी गई है। इसके बाद वेतन वसूली की कार्रवाई शुरू करायी जाएगी। मामले की जांच की जा रही है।
-देवेंद्र कुमार पांडेय, बीएसए

