बिहार दर्शन योजना की राशि का हिसाब 5 साल में भी नहीं देने पर जिले के 105 मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का वेतन बंद कर दिया गया है। डीपीओ योजना एवं लेखा ने संबंधित प्रधानाध्यापकों को पत्र भेजकर 3 दिनों में उपयोगिता सहित सभी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि बिहार दर्शन योजना की राशि का हिसाब मिलने तक संबंधित प्रधानाध्यापक का वेतन स्थगित रहेगा। बता दें कि उत्क्रमित व नव उत्क्रमित मध्य विद्यालयों के साथ ही स्थापना अनुमति विद्यालयों को वित्तीय वर्ष 2018-19 में बिहार दर्शन योजना के तहत 20-20 हजार रुपए दिए गए थे। इस राशि से बच्चों को बिहार के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराना था। साथ ही तय समय में उपयोगिता सहित अन्य रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध करानी थी।
अधिकतर विद्यालयों ने विभाग को रिपोर्ट उपलब्ध करा दी। लेकिन, 105 विद्यालयों ने 21 लाख रुपए का हिसाब अब तक नहीं दिया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी योजना एवं लेखा ने इसके लिए कई बार प्रधानाध्यापकों को पत्र भेजकर संबंधित डॉक्युमेंट जमा करने का निर्देश दिया।
विभाग को नहीं मिला 105 विद्यालयों से 21 लाख रुपए का हिसाब
इसके बाद भी
प्रधानाध्यापकों ने गंभीरता
से नहीं लिया। 5 फरवरी,
9 फरवरी और 4 मार्च को
डीपीओ कार्यालय से पत्र
जारी किया गया। इसके बाद
भी प्रधानाध्यापकों ने जमा
नहीं कराया, तो डीपीओ ने
सबका वेतन स्थगित करते
हुए 3 दिनों का समय दिया
है।

