सासाराम, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। शिक्षा विभाग ने अपने अधिकारियों के लिए नया फरमान जारी की है। इसके तहत अब अधिकारियों को आवासन मुख्यालय में रखना पड़ेगा। वहीं मुख्यालय में रहने का उन्हें प्रमाण पत्र भी देना होगा। बगैर सूचना के के मुख्यालय से गायब रहने पर उन पर कार्रवाई का भी निर्देश दिया गया है।
इस संबंध में शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन)-सह अपर सचिव ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजा है। जिसमें कहा गया है कि विभागीय स्तर से प्रखंड कार्यालयों में पदस्थापित या प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों व कर्मियों के कार्यों की समीक्षा की गई। जिसमें पाया गया कि शिक्षा विभाग में पदस्थापित या प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों व कर्मियों द्वारा रोस्टर के अनुसार निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि प्रखंड स्तर पर पदस्थापित या प्रतिनियुक्त पदाधिकारी व कर्मियों द्वारा अपना आवासन प्रखंड मुख्यालय की बजाए जिला मुख्यालय में रखे हैं। जिला मुख्यालय में आवासन होने के कारण रोस्टर के अनुसार उनके द्वारा आवंटित विद्यालयों का ससमय निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। जिस कारण निरीक्षण का कार्य प्रभावित हो रहा है। जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रखंड स्तर पर पदस्थापित कर्मियों व पदाधिकारियों का आवासन प्रखंड मुख्यालय में सुनिश्चित कराया जाए। ताकि निरीक्षण का कार्य ससमय हो सके। वहीं विशेष परिस्थिति में कोई कर्मी य पदाधिकारी अपना आवासन अनुमंडल स्तर पर रख सकता है।
आवासन का प्रमाण देने पर अप्रैल का होगा भुगतान : प्रखंड स्तर पर कार्यरत पदाधिकारियों व कर्मियों को मुख्यालय में आवासन रहने का प्रमाण पत्र देने बाद
ही उन्हें अप्रैल माह का वेतन भुतान कराने
का निर्देश दिया गया है। आवासन प्रमाण
पत्र के लिए पदाधिकारियों व कर्मियों को
बिजली बिल, मकान मालिक का
एकरारनामा या अन्य दस्तावेज देने होंगे।
उक्त प्रमाण पत्र देने के बाद ही अप्रैल
माह के वेतन का भुगतान किया जाएगा।

