Primary Ka Master Latest Updates👇

Sunday, April 7, 2024

कॉपी-किताबों के नाम पर स्कूलों में लूट का खेल

 कॉपी-किताबों के नाम पर स्कूलों में लूट का खेल

झुंसी। नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत होने के साथ ही फीस से लेकर कॉपी-किताबों के नाम पर लूट का खेल शुरू हो गया है। कई स्कूलों की ओर से किताबों की सूची तक दुकानदार ही दे रहे हैं। कॉपी-किताबों के इस सेट में कई ऐसी भी किताबें हैं, जो न कभी खोली जानी हैं और ना ही उनका पाठ्यक्रम से कोई सीधा नाता है। मनमानी की इस चक्की में अभिभावकों के पिसने के बावजूद अफसर चुप हैं। शिकायत के बाद न तो इस पर अंकुश लग सका है ना ही कोई कार्रवाई हो सकी है।



रेलवे कॉलोनी निवासी शिवांश द्विवेदी का इस बार आईपीईएम स्कूल में 11वीं में दाखिला हुआ है। उनके पिता प्रभाकर द्विवेदी बताते हैं कि पिछले वर्ष उन्होंने प्रथम तिमाही की 15 हजार रुपये फीस जमा की थी। इस बार 17 हजार रुपये देना पड़ा है। इसी तरह फिजिक्स और केमेस्ट्री की किताबों के प्रकाशक बदल दिए गए हैं। किताबें 45 सौ रुपये में मिली हैं। इसी तरह जीएचएस में तीसरी कक्षा की छात्रा अनन्या त्रिपाठी के पिता श्लोक ने ने बताया कि किताबों का पूरा सेट ही निर्धारित दुकान से खरीदना पड़ा है। पिछली बार दूसरी कक्षा की किताबों का सेट 6,500 रुपये में मिला था, लेकिन इस बार 8,500 रुपये में खरीदा है। अनन्या और शिवांश जैसे हजारों बच्चों और उनके अभिभावकों की पीड़ा एक जैसी है, लेकिन उनकी गुहार कोई सुनने वाला नहीं है। कुछ स्कूल जांच की लपेट में न आ जाएं इसके लिए दुकान सेट किए हैं, एक दुकान के अलावा उनके स्कूल में चलने वाली किताबें  दूसरी किसी दुकान में नहीं मिल रही हैं। झुंसी में नर्सरी में एडमिशन लेने पर करीब पांच से 10 हजार रुपये फीस ली जा रही है। कुछ बड़े स्कूल तो प्रवेश के नाम पर 10 से 12 हजार रुपये वसूल रहे हैं। बड़ी बात यह है कि स्कूल से ही ड्रेस, कॉपी, किताब समेत सभी स्टेशनरी का सामान भी खरीदना पड़ रहा है। इन स्कूलों में पढ़ाई हो या ना हो, लेकिन फीस की वसूली मनमानी की जा रही है।

कॉपी-किताबों के नाम पर स्कूलों में लूट का खेल Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Updatemarts

Social media link