अंकल/सर, इतनी गर्मी में स्कूल आने जाने में परेशानी हो रही है, स्कूल बंद करवा दिजीए ना। उक्त कथन न केवल सरकारी एवं निजी विद्यालयों के बच्चे बच्ची कर रहे हैं अपितू उनके अभिभावक तथा शिक्षक भी करते नजर आ रहे हैं। झाझा में तापमान 43 डिग्री पहुंच चुका है। गर्म हवा के थपेड़े 26 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रहे तथा आद्रता/ ह्यूमिडिटी 14 प्रतिशत है। प्रचंड गर्मी में भी विद्यालय खुले रहने पर बच्चों एवं अभिभावकों ने विद्यालय संचालन पर पुनर्विचार की मांग करते हुए कहा कि इस भयंकर गर्मी एवं गर्म हवा के थपेड़े में विद्यालय संचालन
कर बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सरकारी विद्यालयों के कई अभिभावकों ने कहा कि हमारे बच्चे यदि बीमार होते हैं तो उनका इलाज कराने में हमारे हाथ पांव फुल जाते हैं। निजी विद्यालयों में पढ़ाने की हमारी औकात होती तो हम सरकारी विद्यालयों में क्यों पढ़ाते। लोग घरों में दुबके रहना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। झाझा भीषण गर्मी से झुलस रहा है। गांव से शहर
तक लोगों का हाल बेहाल हो रहा है, लेकिन सूर्य देव थोड़ी भी रहम के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। तापमान 43 डिग्री को छू चुका है। तपिश बर्दाश्त से बाहर हो रही है। अब लू और हीट वेव का डर सताने लगा है। ऐसे में मई और जून में क्या हाल होगा यही सोच कर लोग झुलसे जा रहे हैं। झाझा समेत पूरा राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। इससे जनजीवन अस्त व्यस्त है। आने वाले दिनों में और ज्यादा तापमान बढ़ने की संभावना है। इससे निपटने के लिए राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पतालों को अलर्ट कर स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 घंटे डॉक्टर ऑन कॉल तैनात करने के साथ स्वास्थ्य सुविधा की मुकम्मल व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने अस्पतालों में दवाई पृथक
वार्ड विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ पर चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति और एंबुलेंस सुविधा से लेकर जांच संबंधी सभी प्रकार की तैयारी को सुनिश्चित करने को कहा है। अस्पतालों में डेडीकेटेड वार्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है। इस वार्ड में 24 घंटे चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों की रोस्टरवार प्रतिनियुक्ति रहने एवं पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाइयां एवं उपकरण की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश है तो वहीं बिहार में पहली बार गर्मी का रेड अलर्ट भी जारी किया गया है। भीषण गर्मी को लेकर मौसम विभाग ने विभिन्न जिलों के साथ जमुई जिले में भी लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया हुआ है।
चिलचिलाती गर्मी में स्कूल आने की है विवशता
चिलचिलाती गर्मी में विद्यालय आने के लिए बाध्य करने के कारण कुछ दिनों में 4 से ज्यादा शिक्षक अपनी जान गवां चुके हैं वहीं लगभग सभी शिक्षक स्वास्थ्य परेशानियों से जूझ रहे हैं जिनकी जिम्मेवारी कोई पदाधिकारी लेने के लिए तैयार नहीं हैं। कतिपय शिक्षकों का कहना है कि सूबे के मुख्यमंत्री शरसैय्या पर सोए भीष्म पितामह के मानिंद केवल अपनी आंखो से देखने के लिए विवश क्यूं हैं ये सभी की समझ से बाहर है।

