भोजन की गुणवत्ता पर डायट सेंटर में जमकर हंगामा, पहुंची पुलिस
जागरण संवाददाता, जहानावाद : हुलासगंज प्रखंड के ढोंगरा गांव में
संचालित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में गुरुवार को प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षक- शिक्षिकाओं ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर जमकर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया। शिक्षकों ने भोजन करने से इन्कार कर दिया था, समझौता के बाद शिक्षकों ने भोजन किया। शिक्षकों का कहना था कि संस्थान में प्रशिक्षण के लिए अरवल जिले के सभी पांच प्रखंड अरवल, कुर्था, करपी, कलेर व वंशी से 240 शिक्षक-शिक्षिकाएं यहां प्रशिक्षण लेने आए हैं। छह मई से 11 मई तक छह दिवसीय प्रशिक्षण सत्र चलेगा।
इस दौरान खाने का इंतजाम प्रशिक्षण केंद्र में ही किया गया है, जहां पहले ही दिन से घटिया भोजन परोसा जा रहा है, जिससे यहां रह रहे लोग बीमार पड़ने लगे हैं। कई बार इसकी शिकायत संस्थान के प्राचार्य और मेस संचालक से की गई। किंतु बार-बार आग्रह के बावजूद भोजन की गुणवत्ता में सुधार नहीं आया। इसके उलट, आवाज बुलंद करने वाले एक शिक्षक का ही सात दिनों का वेतन स्थगित करने का पत्र निकाल दिया गया। इससे नाराज शिक्षकों ने गुरुवार की दोपहर खाने खाने से इन्कार करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा देख प्राचार्य ने पुलिस को सूचना दे दी, पुलिस ने आकर शिक्षकों से उनकी शिकायतें सुनी। प्राचार्य ने मेस संचालक को बुलाकर फटकार लगाई और भोजन की गुणवत्ता में सुधार का निर्देश दिया। तब हंगामा शांत हुआ और शिक्षकों ने भोजन ग्रहण किया।
बता दें कि गत दिनों शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में निरीक्षण के लिए पहुंचे थे, उस वक्त भी घटिया भोजन परोसने व आसपास गंदगी फैलाने की शिकायत मिली थी, जिसपर केके पाठक ने संचालक को फटकार लगाते हुए भुगतान में कटौती करने का निर्देश दिया था। साथ ही सख्त निर्देश दिया था कि आगे से शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। लेकिन मेस संचालक अपनी कारगुजारी से बाज नहीं आ रहे। शिक्षकों ने कहा कि शुक्रवार से भोजन की गुणवत्ता की सुधार करने और शिक्षक के वेतन कटौती पत्र को वापस लेने का आश्वासन दिया गया है। समस्या का समाधान नहीं होने पर हमलोग चुप नहीं बैठेंगे।

