चार महीने से अधिक की छुट्टी लेने पर मकान किराया भत्ता के लिए अब देना होगा प्रमाणपत्र
चार महीने से अधिक मातृत्व, शिशु देख-भाल, उपार्जित और अन्य अवकाश की अवधि में मकान किराया भत्ता के भुगतान लेने के लिए सरकारी कर्मचारियों को एक प्रमाण पत्र देना होगा. इसमें इसका स्पष्ट उल्लेख करना होगा कि अवकाश की अवधि में भी कर्मी उसी स्थान व क्षेत्र रहे हैं, जिसमें वे छुट्टी पर जाने से पहले रहते थे. इस संबंध में वित्त विभाग के सचिव (संसाधन) लोकेश कुमार सिंह ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, सभी प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किया है. पिछले महीनों से सभी विभागों से वित्त विभाग के पास 120 दिन से अधिक अवधि तक छुट्टी पर रहने पर मकान किराया भत्ता मिलेगा या नहीं, इसको लेकर मंतव्य मांगा जा रहा था.
अभी क्या है प्रावधान: मातृत्व, शिशु देख-भाल, उपार्जित और अन्य अवकाश की स्थिति में छुट्टी स्वीकृत किये जाने पर मूल वेतन, ग्रेड-पे, महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता भुगतान किये जाने का प्रावधान किया गया है. राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए मकान किराया भत्ता नियमावली में सभी प्रकार की छुट्टी मिलाकर 4 महीने यानी 120 दिन तक मकान किराया भत्ता निकासी करने का प्रावधान है. इस अवधि से अधिक अवकाश में रहने की स्थिति में मकान किराया भत्ता की अनुमान्यता और भुगतान के सबंध में बहुत कुछ स्पष्ट नहीं था.

