पटना। राज्य के सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टी में चल रही विशेष कक्षाओं से गायब पाये गये 350 शिक्षकों पर काररवाई हुई है। संबंधित 350 शिक्षकों के गायब पाये जाने वाले दिन के वेतन की कटौती की गयी है।
शिक्षा विभाग की मॉनीटरिंग सेल की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को 364 शिक्षक विशेष कक्षाओं से गायब पाये गये। उनमें से अब तक 350 शिक्षकों पर उस दिन के वेतन की कटौती की काररवाई की गयी है।
वेतन कटौती की काररवाई के शिकार 350 शिक्षकों में अररिया के 11, औरंगाबाद के आठ, बेगूसराय के 29, भोजपुर के 12, बक्सर के आठ, पूर्वी चंपारण के 13, गया के
14, गोपालगंज के 12, जमुई के 14, जहानाबाद के छह, खगड़िया के 10, कैमूर के 20, लखीसराय के तीन, मधुबनी के छह, मुंगेर के छह, मधेपुरा के 15, मुजफ्फरपुर के 22, नालंदा के 26, नवादा के 12, पटना के 11, रोहतास के सात, सहरसा के नौ, समस्तीपुर के 11, शिवहर के एक, शेखपुरा के आठ, सारण के पांच, सीतामढ़ी के चार, सीवान के 16, वैशाली के 11 एवं पश्चिमी चंपारण के 20 शिक्षक शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उस दिन 32 जिलों के 49,996 स्कूलों के इंस्पेक्शन कराये गये थे। संबंधित जिलों के सिर्फ 9,956 स्कूल ही इंस्पेक्शन से बच गये थे। जिन स्कूलों के इंस्पेक्शन हुए, उनमें 1ली से 12वीं कक्षा तक के 23 लाख 87 हजार 772 छात्र-छात्रा
उपस्थित पाये गये। मिशन दक्ष की विशेष कक्षा में उरी से 8वीं कक्षा के 58 फीसदी बच्चों की उपस्थिति पायी गयी। 5 वीं एवं 8वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में फेल या उसमें शामिल नहीं होने वाले 42.96 फीसदी छात्र-छात्रा विशेष कक्षाओं में हाजिर थे।
9वीं एवं 11वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में फेल या उसमें शामिल नहीं होने वाले 47.78 फीसदी छात्र-छात्रा विशेष कक्षाओं में पढ़ाई करते पाये गये। मिशन दक्ष के नीचे की कक्षाओं के भी 12.26 फीसदी बच्चों की कक्षाओं में उपस्थिति थी।
आपको याद दिला दूं कि सरकारी स्कूलों में 15 अप्रैल से ही गर्मी की छुट्टी चल रही है। 15 मई तक चलने वाली गर्मी की छुट्टी में
सरकारी स्कूलों में मिशन दक्ष के 3री से 8वीं कक्षा के बच्चों की विशेष कक्षाओं के साथ ही 5वीं, 8वीं, 9वीं एवं 11वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में फेल या उसमें शामिल नहीं होने वाले छात्र- छात्राओं की दो घंटे की विशेष कक्षाएं सरकारी सबेरे आठ से 10 बजे तक लग रही हैं।
विशेष कक्षा में मिशन दक्ष के 3री से 8वीं कक्षा के बच्चों की विशेष कक्षाओं के साथ ही 5वीं, 8वीं, 9वीं एवं 11वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में फेल या उसमें शामिल नहीं होने वाले छात्र- छात्राओं के साथ ही अन्य कक्षाओं के बच्चों को भी आने की इजाजत है। प्राइमरी-मिडिल स्कूलों में बच्चों को मध्याहन भोजन भी मेन्यू के हिसाब से कराये जा रहे हैं।

