शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक की सख्ती के बाद सरकारी विद्यालयों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। लेकिन निरीक्षण में भी लापरवाही सामने आ रही है। लापरवाही की वजह से ही निरीक्षण के बाद भी विद्यालयों की स्थिति में बहुत ज्यादा सुधार नहीं दिख रहा है। अब निरीक्षण में लापरवाही का एक नया मामला सामने आया है। जिसमें विद्यालय के निरीक्षण अधिकारी ने ही बिना जांच के विशेषावकाश पर रही शिक्षिका को
अनुपस्थित बताकर विभाग को रिपोर्ट कर दिया। इसी तरह की लापरवाही का परिणाम है कि अब इस तरह की खबरें लगातार मिलने लगी है कि जांच के नाम पर जांच पदाधिकारियों के द्वारा राशि की उगाही की जा रही है। यह मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया। आनन-फानन में डीपीओ स्थापना सुजीत कुमार राउत ने राजगीर बीआरपी स्वीटी कुमारी पर शोकॉज करते हुए पूछा है कि क्यों नहीं इस कार्य के लिए उन्हें चयन मुक्त कर दिया जाए। बीआरपी को तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण का जवाब देना होगा।


