जिला प्रशासन के स्तर से मृत शिक्षिका से भी स्पष्टीकरण पूछा गया है. यह सुनने में भले ही कुछ अजीब लग रहा होगा, लेकिन मामला सच है. प्रशासन ने मृत शिक्षिका को जवाब नही देने पर कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है. बताया गया है, डीएवी, डुमरा में चुनावी प्रशिक्षण चल रहा है. उक्त प्रशिक्षण से नदारद रहने वाले कर्मियों से स्पष्टीकरण पूछा जा रहा है. इसी वजह से मृत शिक्षिका सबो राज से भी स्पष्टीकरण पूछा गया है. इसके अलावा, काफी पूर्व में अवकाश में रह रही शिक्षिका को भी चुनावी प्रशिक्षण से अनुपस्थित करार देकर जवाब मांगा है. परिहार में कार्यरत थी शिक्षिका. बताया गया है कि सबो राज नामक शिक्षिका सुरसंड प्रखंड की निवासी थी. वह परिहार प्रखंड के मिडिल स्कूल, सिसौटिया, कोईरिया पिपरा में कार्यरत थी. 3 अप्रैल 24 को ही शिक्षिका का निधन हो चुका है. फिर भी प्रशिक्षण में शामिल
होने के लिए पत्र ही निर्गत नही किया गया, बल्कि अब नदारद बताकर जवाब भी मांगा गया है. इधर, परिहार प्रखंड के मिडिल स्कूल, परसा उर्दू की शिक्षिका गर्भवती है. इस कारण वह दो माह पूर्व से अवकाश पर है. फिर भी उन्हें प्रशिक्षण में आने का पत्र ही नही दिया गया, बल्कि प्रशिक्षण से नदारद रहने के आरोप में कार्मिक कोषांग के द्वारा उनसे भी जवाब मांगा गया है. प्राथमिक विद्यालय, तेलियाही टोल के शिक्षक शैलेन्द्र कुमार करीब छह माह से निलंबित है. इनसे भी प्रशिक्षण से नदारद रहने के आरोप में जवाब-तलब किया गया है. इधर, मिडिल स्कूल, सिसौटिया के प्रधान शिक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि शिक्षिका सबो राज का निधन 3 अप्रैल 24 को ही हो गया. बीआरसी को इसकी लिखित सूचना दी जा चुकी है. मृत शिक्षिका के संबंध में कार्मिक कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि इसकी सूचना कोषांग को नही मिली होगी

