बीपीएससी से नियुक्त तथा नियोजित शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने पर शिक्षा विभाग भड़क गया है। उसने सभी डीईओ (जिला शिक्षा पदाधिकारी) व डीपीओ (जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना) का अप्रैल महीने का वेतन रोक दिया। विभाग ने इन अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा है। पूछा है क्यों नहीं आप सब पर विभागीय कार्यवाही चलाई जाए।
दरअसल, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने बीपीएससी से दो चरणों में नियुक्त शिक्षकों के वेतन भुगतान के कार्य प्रगति की समीक्षा की थी। पाया गया
कि वेतन भुगतान का मसला, डीईओ व डीपीओ (स्थापना) के स्तर पर लंबित है। जबकि पाठक ने जल्द वेतन देने की बात कही थी। नियोजित शिक्षकों को भी मार्च का वेतन नहीं
मिला है। इसमें डीईओ-डीपीओ द्वारा विभागीय कार्य को प्रभावित करने, कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और व वरीय अधिकारियों के आदेश की अवहेलना साफ दिखता है।
शिक्षा विभाग ने 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है
केके पाठक ने वेतन भुगतान करने का आदेश दिया था। इन आदेशों का जब कोई असर नहीं हुआ, तो शिक्षा विभाग ने डीईओ व डीपीओ का वेतन रोक दिया, उनसे स्पष्टीकरण पूछा। शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) सुबोध कुमार चौधरी ने इस बारे में सभी डीईओ व डीपीओ (स्थापना) को पत्र भेजा है। इसमें विस्तार से उक्त बातों की चर्चा है। पत्र में कहा गया है कि पत्र मिलने के 24 घंटे के भीतर इसके बारे में स्पष्टीकरण दें और बताएं कि क्यों नहीं आप सबके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की जाए? स्पष्टीकरण पर निर्णय होने तक आप सभी का अप्रैल 2024 का वेतन स्थगित रहेगा।

