सुपौल, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। शिक्षा विभाग की ओर से रोस्टर तैयार कर नियमित जिले के स्कूलों का निरीक्षण किया जा रहा है। अप्रैल महीने में निरीक्षण के दौरान 111 शिक्षक बिना सूचना के स्कूल से गायब मिले है। विभाग ने सभी शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है और निरीक्षण के दिन का वेतन काटा गया है। इसको लेकर डीईओ संग्राम सिंह ने पत्र जारी किया है।
जारी पत्र में कहा गया है कि स्कूलों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग के जिला सहित प्रखंड स्तर के पदाधिकारी और कर्मचारियों द्वारा स्कूलों का नियमित निरीक्षण किया जाता है।
■ रोस्टर तैयार कर नियमित रूप से स्कूलों का किया जा रहा है निरीक्षण
■ 111 शिक्षक बिना सूचना के मिले अनुपस्थित, एक दिन के वेतन पर रोक
निरीक्षण में छात्र और शिक्षकों की उपस्थिति के साथउन मुद्दों की जांच की जाती है। 3 अप्रैल से 27 अप्रैल तक विभिन्न प्रखंड के स्कूलों में निरीक्षण के दौरान 111 शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित मिले। इसमें राघोपुर के 8, त्रिवेणीगंज के 6, छातापुर के 18, पिपरा के 15, मरौना के 5, निर्मली के 20, सदर के 10, सरायगढ़ के 9 और प्रतापगंज के 21 शिक्षक शामिल हैं। नो वर्क नो पे के आधार पर सभी शिक्षकों का निरीक्षण के दिन का वेतन काटा गया है। डीईओ संग्राम सिंह ने बताया कि स्कूलों में निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। लापरवाही बरतने वाले शिक्षक और एचएम पर कार्रवाई की जाएगी।

