जागरण संवाददाता, गया : इंदिरा गांधी बेसिक स्कूल पुरा वजीरगंज के छात्र मिहिर की मौत का जांच प्रतिवेदन संतोषप्रद नहीं रहने के कारण डीईओ ने वजीरगंज बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा है । सातवें दिन भी जवाब नहीं मिला। जिला शिक्षा पदाधिकारी डा ओम प्रकाश ने पत्र में लिखा है कि मृतक छात्र के पिता या उनके परिवार का पक्ष नहीं लिया गया। प्रतिवेदन एकांगी है। प्रतीत होता है कि बीईओ के द्वारा इस गंभीर मामले को लापरवाही पूर्वक लिया गया । जांच में शिथिलता बरती गई है। बीईओ द्वारा दिए गए प्रतिवेदन को अस्वीकृत करते हुए निदेशित किया जाता है कि उक्त तथ्य के आलोक में अपना स्पष्टीकरण तीन दिन के अंदर साक्ष्य सहित उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। एकांगी प्रतिवेदन किस आधार पर दिया गया । प्रतिवेदन समर्पित करने में लापरवाही क्यों बरती गई है। उक्त कृत के लिए आपके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।
बीईओ ने क्या लिखा वजीरगंज प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रेखा कुमारी द्वारा मृतक छात्र मिहिर गुप्ता के जांच प्रतिवेदन जिला शिक्षा पदाधिकारी के पास 14 मई को सौंपी। इसमें लिखा गया कि मृतक छात्र मानसिक रूप से विक्षिप्त था। आठ मई को मिहिर गुप्ता अल्पाहार के बाद कक्षा संचालन के क्रम में ही बाहर चला गया। रास्ते के आभास नहीं होने के कारण विद्यालय से लगभग दो किमी रेलवे लाइन की तरफ चला गसा। खोजबीन के क्रम में बच्चा अढवां मनैनी गांव के समीप मृत पाया गया। शिक्षकों के अनुसार शरीर को देखने से ऐसा प्रतीत हुआ कि बच्चा को किसी ट्रेन से टकराने या झटका लगने से मौत हो गई है।

