ज्ञानपुर। फर्जी अभिलेख के जरिए नौकरी पा लेने वाले शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। अब उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। उनसे वसूली की जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर मुकदमा दर्ज कराने और वेतन का लेखाजोखा 15 दिनों में भेजने को कहा है।
जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं। बच्चों की संख्या के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति होती है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने फर्जी अभिलेख लगाकर नौकरी प्राप्त कर लिया था। व्यवस्था आनलाइन हुई तो तमाम शिक्षकों के रिकार्ड गलत पाए गए। वर्ष 2021 से 2023 के बीच 12 शिक्षकों के अभिलेख फर्जी पाचे गए। विभाग ने उनको बरखास्त कर दिया। उनसे वेतन की वसूली अब तक नहीं हो सकी है। कुछ शिक्षकों पर विभाग ने मुकदमा दर्ज कराया लेकिन बहुतों पर अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी थी। विभाग ने अब सख्ती शुरू कर दी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर बर्खास्त शिक्षकों के वेतन का लेखाजोखा प्रस्तुत करने के साथ ही मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
बेसिक शिक्षा विभाग के पास अभी तक बर्खास्त शिक्षकों के वेतन का लेखाजोखा नहीं आया है लेकिन अनुमान जताया गया कि पांच से सात करोड़ रुपये तक की रिकवरी हो सकती है।
इन शिक्षकों पर हो चुकी है कार्रवाई
ज्ञानपुर। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कसिदहां में तैनात शिक्षक संजय सिंह, डीघ ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गंगापुर तलियां के शिक्षक राजकुमार, पूर्व माध्यमिक विद्यालय भौथर के शिक्षक सुरेंद्र कुमार यादव, कंपोजिट विद्यालय माधोरामपुर में तैनात सहायक अध्यापक नीलम मौर्या, प्राथमिक विद्यालय रयां के ब्रह्मेश्वर यादव, प्राथमिक विद्यालय लीलाधर पुर में तैनात सहायक अध्यापक सुधा स्वरूप, प्राथमिक विद्यालय चिंतामणिपुर के जितेंद्र कुमार, प्राथमिक विद्यालय बेरासपुर में तैनात शिक्षक आशुतोष त्रिपाठी, प्राथमिक विद्यालय कंसापुर में तैनात प्रेमलता त्रिपाठी आदि शामिल है।

