खेलकूद के दौरान बच्चों ने आपस में मारपीट की। इसके बाद प्रभारी प्रधानाध्यापिका वहां पहुंची और कक्षा दो के बच्चे की पहले छड़ी से पिटाई की, फिर गला दबाकर पटक दिया। इससे बच्चा बेहोश हो गया। बच्चे की पीठ पर चोट के निशान हैं। बेहोशी की हालत में पहले उसे गांव के चिकित्सक के पास ले जाया गया, फिर वहां से जीएमसीएच लाया गया। यहां पर सर्जिकल वार्ड में उसका इलाज चल रहा है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। यह घटना सरसी के बेला गोविंद गांव स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में सोमवार की है। विवेक आनंद गांव के ही रूपेश यादव का सात साल का बेटा है। उसकी उम्र सात साल है। उधर, जब बच्चा बेहोश हुआ तो प्रभारी प्रधानाध्यापिका चांदनी कुमारी के होश उड़ गए और वह बच्चे को हाथ के पंखे से हवा देने लगी। इस बीच स्कूल के कुछ बच्चों ने घटना की सूचना पीड़ित बच्चे के परिवार वालों को दी। जानकारी मिलते ही परिजन स्कूल पहुंचे।
बच्चे के पिता रूपेश ने बताया कि उनका बेटा विवेक आनंद गांव के ही नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 2 में पढ़ता है। सोमवार को वह स्कूल गया था। सभी बच्चे स्कूल प्रांगण में खेल रहे थे। तभी किसी बच्चे को खेलने के दौरान चोट आ गई। इसी बात पर प्रभारी प्रधानाध्यापिका चांदनी कुमारी ने छड़ी से पिटाई कर दी। उसके
बाद बच्चे का गला दबाकर पटक दिया। इससे विवेक बेहोश हो गया। घटना की सूचना स्कूल के ही कुछ बच्चों ने दी। जब स्कूल जाकर देखा तो प्रधानाध्यापिका उनके बेटे को हाथ पंखा से हवा दे रही थी और वह बेहोश पड़ा था। बनमनखी की बीईओ कुमारी कुंदन ने बताया कि सूचना नहीं मिली है। यह काफी गंभीर मामला है। जांच कर प्रधानाध्यापिका पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, चांदनी कुमारी ने सभी आरोपों से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि दो बच्चों के बीच में लड़ाई हो रही थी।

