बाराचट्टी, एक संवाददाता। साल 2012 में भाकपा माओवादी के सशस्त्र दस्ते की ओर से विध्वंसक घटना को अंजाम देते हुए मिडिल स्कूल चोरदाहा के भवन को ध्वस्त कर दिया गया था। भवन ध्वस्त होने के बाद से अब तक - नए भवन का निर्माण नहीं हो सका है। जिस कारण तीन कमरे में पठन-पाठन एवं कार्यालय का संचालन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार 11 दिसंबर 2012 को भाकपा माओवादी के दस्ते ने जेसीबी मशीन लगाकर विद्यालय के आठ कमरों को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
आदर्श गांव है चोरदाहाः साल 2007 में आपकी सरकार आपके द्वार
अतिरिक्त कमरों के निर्माण की उठी मांग नक्सलियों के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान के दौरान रात्रि विश्राम सुरक्षा बल संबंधित इलाके के स्कूलों में करते थे। इसी बात को लेकर नक्सली खार खाए रहते थे। इसी कड़ी के तहत बाराचट्टी के कई विद्यालयों को नक्सलियों ने क्षतिग्रस्त किया था। इसी क्रम में विद्यालय में जेसीबी मशीन लगाकर कुल आठ कमरों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। चार दिन पूर्व विद्यालय जांच के लिए स्कूल पहुंचे प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अशोक कुमार से स्कूल प्रबंधन ने अतिरिक्त कमरों के निर्माण की दिशा में पहल करने की मांग की गई। इस संबंध में आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया गया है।
कार्यक्रम के तहत चोरदाहा गांव का चयन आदर्श गांव में किया गया था। इतने महत्वपूर्ण गांव का विद्यालय भवन पिछले कई सालों से क्षतिग्रस्त है और
इस दिशा में शासन-प्रशासन की ओर से कोई पहल न होना पूरी तरह लापरवाही का घोर परिचायक है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता रवि शंकर प्रसाद
ने बताया कि जनहित में चोरदाहा में कमरों के निर्माण की जरूरत है ताकि गरीबों के बच्चों को सही से पठन-पाठन की सुविधा मिल सके।

