संवाद सहयोगी, जागरण, बरूराज :
थाना क्षेत्र के मध्य विद्यालय महमादा में शिक्षकों का आपसी विवाद सुलझ नहीं रहा है। बुधवार को शिक्षकों के दो पक्षों में हुई मारपीट के बाद गुरुवार को एक पक्ष के शिक्षकों ने एचएम के नेतृत्व में विद्यालय को बंद रखा। सैकड़ों छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचे, लेकिन वहां ताला लटका देख आक्रोशित हो गए। वहां मौजूद सहायक शिक्षक शंभुनाथ साह ने विद्यालय खुला होने की बात कहते हुए विद्यार्थियों से रुकने की बात कही, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी। आक्रोशित विद्यालयों ने हंगामा करते हुए नारेबाजी की। छात्रों ने बताया कि विद्यालय राजनीति का अखाड़ा बना है। शैक्षणिक माहौल पूरी तरह से चरमरा गया है। आएदिन सहायक शिक्षक राकेश कुमार सिंह और शंभूनाथ साह के बीच किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता रहता है। उधर, देर शाम प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मोतीपुर मनोज कुमार ने कार्यालय आदेश जारी करते हुए प्रखंड नियोजित शिक्षक शम्भूनाथ साह को मध्य विद्यालय उर्दू, मनोहर छपरा में प्रतिनियुक्त करते हुए अभिलंब योगदान देने का आदेश दिया है।
छात्रों ने बताया कि बुधवार को राकेश कुमार सिंह व प्रभारी एचएम संतोष कुमार चौहान समेत पांच अन्य शिक्षकों ने शंभूनाथ सर को रूम में बंद कर ब्लैक बोर्ड के पास सटाकर पिटाई कर रहे थे। शोर सुन आसपास के लोग एकत्र हुए और शम्भूनाथ साह को बाहर निकाला गया। ग्रामीणों ने मामले को शांत कराया। सभी शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाई। उक्त मामले में दोनो शिक्षकों ने सीएचसी मोतीपुर में इलाज कराने के बाद बरूराज थाने पहुंचकर एक-दूसरे पर मारपीट
का आरोप लगाते हुए बुधवार शाम आवेदन भी दिया। छात्रो का कहना था एक वर्ष से विद्यालय राजनीति का अखाड़ा बना है। समय पर शिक्षक नहीं आते और न ही ढंग से पढ़ाई होती हैं। मेनू के अनुसार मध्याह्न भोजन भी नहीं मिलता है। गुरुवार को बगैर पढ़ाई किए लौटना पड़ा। बीईओ पर एक तरफा कार्रवाई का आरोपः अभिभावकों ने बीईओ पर आरोप लगाया कि साजिश के तहत एकतरफा कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के आदेश को ठेंगा दिखा शम्भूनाथ साह को हटाया गया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव
का निर्देश है कि किसी भी सूरत में कोई शिक्षक को दूसरे विद्यालयों में प्रतिनियोजन नहीं करना है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय के अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाने पर एचएम कुछ स्थानीय लोगो के साथ मिलकर सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा करा जेल भिजवाने की धमकी देते है। वहीं, शिक्षक शम्भूनाथ साह ने बताया कि एचएम व अन्य शिक्षकों की लेटलतीफी और अनिमियता की शिकायत साक्ष्य सहित बीईओ मोतीपुर समेत अन्य पदाधिकारियों से की थी ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा सके, लेकिन अधिकारी ने दोषी पर कार्रवाई करने के बजाय उनको ही हटा दिया है।

