खुदागंज। कई लोग व्यवस्था में खामी या संसाधन के अभाव का बहाना बनाकर अपने काम से कन्नी काटते हैं। लेकिन, इस्लामपुर प्रखंड के केवाली मध्य विद्यालय की शिक्षिका ने एक उदाहरण पेश किया है। स्कूल से ब्लैकबोर्ड नहीं मिला तो ताड़ के पेड़ को ही ब्लैकबोर्ड बनाकर बच्चों को पढ़ा रही है। दरअसल, स्कूल में लाइन कटने के बाद वर्ग कक्ष में भीषण गर्मी लगती है। इस वजह से बच्चों को स्कूल के बाहर मैदान में पढ़ाया जाता है। दिक्कत यह है कि बाहर में ब्लैकबोर्ड नहीं है। एचएम का कहना है कि ब्लैकबोर्ड के लिए उन्हें राशि नहीं मिली है। शिक्षिका ललिता ने इसका हल निकाल लिया। वह ताड़ के पेड़ पर ही बच्चों का पढ़ाती
है और होमवर्क देती है। लोग शिक्षिका के इस जज्बे की तारीफ कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोग व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
मैदान के सामने है दर्जनों पेड़ः गर्मी के कारण बच्चों को मैदान में बिठाकर पढ़ाया जाता है। सामने ही ताड़ के दर्जनों पेड़ हैं। शिक्षिका ने बाहर बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल प्रशासन से बोर्ड की मांग की थी।
लेकिन, नहीं मिला। इसके बाद शिक्षिका ताड़ के पेड़ को बोर्ड बनाकर पढ़ाने लगी। एक पेड़ पर टास्क पूरा नहीं होता है तो दूसरे पेड़ पर लिखती है।

