पटना जिले के सभी निजी स्कूलों के छात्रों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। स्कूल प्रबंधकों द्वारा विद्यार्थियों का एक बार पेन नंबर जेनरेट होने के बाद विद्यार्थी का पेन नंबर एक ही रहेगा। पेन नंबर से स्कूल के साथ-साथ बच्चों के नामांकन में होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।
ऐसे में कोई भी सरकारी या गैर सरकारी स्कूल से नाम कटवाये बिना दूसरे स्कूल में नामांकन नहीं ले पाएगा। वहीं कोई भी विद्यार्थी बिना पेन नंबर के दूसरे स्कूल में नामांकन नहीं ले पाएगा। स्कूलों द्वारा बच्चों को दिया जाने वाला एक पेन नंबर 12वीं कक्षा तक मान्य रहेगा। किसी परिस्थिति में अगर कोई विद्यार्थी स्कूल बदलता या फिर दूसरे राज्य में पढ़ाई करने जाता है तब भी उस विद्यार्थी का पेन नंबर नहीं बदलेगा। जिले में 1045 निजी स्कूल रजिस्टर्ड हैं। सभी स्कूल प्रबंधकों को अगस्त तक आधार नंबर यू-डायस पोर्टल पर अपडेट करने का निर्देश दिया गया है। पटना जिले के सरकारी स्कूलों के बच्चों की तरह ही अब निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की भी पहचान शिक्षा विभाग के पास संरक्षित होगी। स्कूल प्रबंधकों के पास विद्यार्थियों के
स्टूडेंट डिटेल के साथ ही अब आधार नंबर भी रजिस्टर्ड रहेगा। विद्यार्थियों के आधार नंबर के आधार पर ही उनकी पहचान और एकेडमिक डिटेल रखने के लिये पेन (पर्सनल एनरोलमेंट नंबर) जेनरेट किया जाएगा। निजी स्कूलों को दिये गये यू-डासय पोर्टल पर आधार नंबर देने के बाद ही पेन नंबर जेनरेट किया जा सकेगा।

