परिषदीय स्कूलों में एक बार फिर से सत्र परीक्षाएं होंगी। सत्रीय परीक्षा का आयोजन 18 से 24 सितंबर के बीच कराया जाएगा। तीन वर्ष पूर्व कोरोना महामारी के कारण सत्रीय परीक्षाओं पर रोक लगाई गई थी। ऐसे में सिर्फ दो बार ही मूल्यांकन हो पा रहा था। बेसिक शिक्षा विभाग अब फिर से दोनों सत्रीय परीक्षाएं कराएगा। इस प्रकार से अब परिषदीय स्कूलों के छात्रों का साल भर में चार बार मूल्यांकन होगा।
जिले में 2372 परिषदीय स्कूल
संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से 1636 प्राथमिक, 374 संविलियन, 362 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इन सभी स्कूलों में दो लाख 36 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। शिक्षा निदेशक बेसिक प्रताप सिंह बघेल के 11 सितंबर को जारी निर्देश पर बीएसए ने गुरुवार को प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर समय से परीक्षा कराने को कहा है। निदेशालय द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर अगस्त तक पूर्ण कराए गए पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्नों का प्रश्न-पत्र प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा तैयार कराकर परीक्षा कराई जाएगी। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कक्षा अध्यापक, विषय अध्यापक द्वारा किया जाएगा। सत्रीय परीक्षा व मूल्यांकन से संबंधित अभिलेख प्रश्नपत्र एवं उत्तर पुस्तिकाओं की प्राप्ति रजिस्टर, वितरण व अन्य सभी आवश्यक अभिलेख विद्यालय स्तर पर सुरक्षित रखे जाएंगे। सत्रीय परीक्षा के अनुश्रवण व सफल क्रियान्वयन का संपूर्ण उत्तरदायित्व प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी का होगा।

