बच्चों को ठंड लगी तो प्रधानाध्यापक और बीईओ भी होंगे जिम्मेदार
BAREILLY (21 Nov): ठंड की दस्तक के साथ ही कान्वेंट स्कूलों के बच्चे स्वेटर और ब्लेजर पहनकर स्कूल जा रहे हैं लेकिन परिषदीय विद्यालयों में अधिकतर बच्चे अभी भी बगैर स्वेटर के स्कूल जा रहे हैं. जबकि उनके अभिभावकों के खाते में पैसा भेजा जा चुका है. ऐसे में बीएसए ने सभी बीईओ और प्रधानाध्यापकों को हिदायत जारी की है कि विद्यालय में ठंड से किसी बच्चे की तबीयत बिगड़ी तो उनकी भी जिम्मेदारी तय की जाएगी. लिहाजा यह तय करें कि कोई भी बच्चा बगैर स्वेटर पहने स्कूल न आए.
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जिले में मौजूदा समय 2483 परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ के बीच करीब 2.77 लाख अध्ययनरत हैं. इन सभी बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में अक्टूबर 2024 में ही 1200 रुपये भेजे जा चुके हैं. इन पैसों से उन्हें अपनच बच्चे के लिए स्कूल ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर और स्कूल बैग आदि सामान खरीदना है. लेकिन अक्टूबर बीतने के बाद भी अधिकतर अभिभावकों ने स्वेटर नहीं खरीदा है. ऐसा इसलिए क्योंकि ठंड का मौसम शुरू होने के बावजूद अभी भी उ यादातर स्कूलों मेच्बच्चे बगैर स्वेटर के आ रहे हैं. बीएसए संजय सिंह ने इस बाबत 20 नवंबर को जिले के सभी बीईओ और प्रधानाध्यापकएवं प्रभारी अध्यापकों को पत्र जारी कर कहा है कि वह विद्यालय प्रबंध समिति और अध्यापक-अभिभावक की बैठक में स्वेटर खरीदने एवं पहनाने पर जोर दें. सुबह विद्यालय खुलने से पूर्व या कक्षाएं समाप्त होने के बाद शिक्षकों बच्चों के घर जाकर उनके अभिभावकों को प्रेरित करें. लेखपाल, पंचायत सचिव, एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्री, ग्राम प्रधान एवं स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों का भी सहयोग अभिभावकों को जागरूक करने में लें.

