अर्द्धवार्षिक परीक्षा के पांच दिन के प्रश्नपत्र हुए वायरल
ग्रेटर नोएडा। लाख प्रयासों के बावजूद सरकारी स्कूलों की व्यवस्था नहीं सुधर रही है। ताजा उदाहरण परिषदीय स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा से जुड़ा है। चारों ब्लॉकों के 511 स्कूलों में सोमवार से परीक्षाएं शुरू हुई। पहले दिन प्रश्न पत्र ही नहीं भेजा गया। छात्रों के लिए ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न लिखे गए। वहीं, 25 से 28 दिसंबर तक होने वाले प्रश्न पत्र शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर घूमते रहे। हालांकि वायरल प्रश्नपत्रों के सही होने की पुष्टि
किसी भी स्तर पर नहीं की गई। इस दौरान उच्च प्राथमिक स्कूल मकौड़ा के साथ सभी स्कूलों में छह से आठ तक पहले दिन कृषि विज्ञान व गृह शिल्प की परीक्षा हुई। वहीं, कक्षा एक से पांच तक
मौखिक परीक्षा हुई। विभाग ने ही भंग की गोपनीयता
परीक्षा की गोपनीयता को विभाग ने ही भंग कर दिया गया। यदि ब्लैक बोर्ड पर ही प्रश्नों को लिखा जाना भा तो प्रश्न पत्र उसी दिन भेजे जा सकते थे। इस घटना ने सरकार के नकलविहीन परीक्षा के दावों की पोल खोल दी है।
दिसंबर में हो रही छमाही परीक्षा
बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण दिसंबर में अर्द्धवार्षिक परीक्षा का आयोजन कराया जा रहा है। जबकि सत्र शुरु होने के 6 महीने के भीतर अर्द्धवार्षिक फीला हो जानी चाहिए।
शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर आए प्रश्नपत्र सैंपल पेपर हैं। प्रश्नपत्रों
गोपनीयता रखे जा रहे हैं। विभाग की ओर से जो निर्देश मिले थे। उन्हीं के अनुरूप परीक्षाएं करवाई जा रही हैं। - राहुल पंवार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

