जीजा-साली में सहमति से बने संबंध अनैतिक हैं, दुष्कर्म नहीं : हाईकोर्ट
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बालिग साली व जीजा के बीच सहमति से बना संबंध अनैतिक है, लेकिन इसे दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने यह टिप्पणी कर पांच माह से जेल में बंद आरोपी जीजा को सशर्त जमानत दे दी। यह आदेश न्यायामूर्ति समीर जैन के पीठ ने कुशीनगर के कोतवाली हाटा निवासी आरोपी की अर्जी पर दिया।
आरोपी पर कोतवाली हाटा में दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप था कि उसने साली को शादी करने का झूठा वादा करके भगा ले गया और उसके साथ संबंध बनाया। आरोपी जुलाई 2024 से जेल में
है। उसने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की। आवेदक के वकील ने दलील दी कि वर्तमान मामले में आवेदक को झूठा फंसाया गया है। पीड़िता वयस्क है। दोनों के बीच सहमति से संबंध बने हैं। पीड़िता ने पहले बयान में आरोपों से इन्कार किया था। बाद में अपना बयान बदल दिया।
अपर शासकीय अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया। न्यायालय ने पक्षों को सुनने के बाद इसे दुष्कर्म के बजाय अनैतिक संबंध मानते हुए जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।

