कक्षा दो के 51% बच्चे वाक्य भी नहीं लिख पाए
पटना। शिक्षा विभाग की ओर से तीसरी कक्षा तक के बच्चों की भाषा में सुधार के लिए कई नीतिगत निर्देश और व्यवस्थाएं की गई हैं। बावजूद इसके कक्षा अनुसार भाषा की दक्षता प्राप्त करना अब भी चुनौती बनी हुई है। शिक्षा विभाग और एससीईआरटी के हालिया सर्वे के अनुसार शिक्षक ने जो बोला उसे कक्षा दो के 51% बच्चे लिखने में असमर्थ रहे।
दरअसल शिक्षा विभाग और एससीईआरटी ने निपुण मिशन के तहत राज्य के 38 जिले के 1602 विद्यालयों में कक्षा दो के 13014 बच्चों की भाषाई दक्षता जानने के लिए सर्वेक्षण किया।
इस सर्वेक्षण में प्रशिक्षु शिक्षक और फील्ड इन्वेस्टिगेटर ने स्कूलों का दौरा किया। इन शिक्षकों ने वाक्य बोले और
उसे सुनकर बच्चों को कॉपी पर लिखने के लिए कहा। 13014 बच्चों में से 6,637 एक वाक्य भी नहीं लिख पाए।
यहीं नहीं अक्षर और शब्द लिखने में भी बच्चे कमजोर पाए गए। इन बच्चों में से 16% बच्चे फील्ड इन्वेस्टिगेटर
द्वारा बोले गए अक्षर और 24% बच्चे शब्द नहीं लिख पाए। शिक्षा विभाग ने बच्चों की भाषा में सुधार के लिए रीडिंग कॉर्नर, भाषा की घंटी जैसी व्यवस्थाएं की हैं, लेकिन अब भी बच्चों में सुधार की गति धीमी है।

