क्यों इन देशों में गधी के दूध से बने साबुन से नहा रहे हैं लोग? वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
दुनिया के कई देशों में इन दिनों लोग गधी के दूध से बने साबुन को खूब खरीद रहे हैं। आखिर इस साबुन में ऐसा क्या है कि यूएई समेत कई देशों में इसकी मांग बढ़ गई है। आइए आपको अपनी इस खबर में गधी के दूध से बने साबुन के बारे में बताते हैं...
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अटन डंकी मिल्क सोप नाम की कंपनी, मदाबा स्थित अपने फार्म में 100 फीसदी प्राकृतिक साबुन बनाती है। यहां पर उसके 12 गधे हैं। जॉर्डन की राजधानी अम्मान में कंपनी की एक छोटी सी निर्माण वर्कशॉप भी है। जॉर्डन में गधी के दूध के साबुन की काफी मांग है।
ऐसे ही दुबई में अलग-अलग ब्रांड के गधी के दूध से बने साबुन खूब बिकते हैं। शुरुआत में जब यह साबुन जॉर्डन में लॉन्च किया गया था, तो लोगों ने इसका मजाक उड़ाया। इसके बाद फायदे सामने आने के बाद साबुन की मांग बढ़ गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, गधी के दूध में प्रचुर मात्रा में खनिज और प्रोटीन मिलता है। इसके कारण त्वचा को नमी प्रदान करने में मदद करती है। इसमें काफी मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो तत्व त्वचा को धूप और बढ़ती उम्र के प्रभावों से बचाते हैं।
गधी के दूध की खासियत
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पर्यावरण कार्यकर्ता और सेवानिवृत शिक्षक अल जुबी ने कहा कि एक शोध से जानकारी मिला है कि गधी का दूध त्वचा की कोशिकाओं को फिर से जीवित करने, बढ़ते उम्र के प्रभावों को कम करने और एक्जिमा जैसे त्वचा रोगों को ठीक करने में सहायता करता है। उन्होंने यह भी बताया कि गधी के दूध का साबुन त्वचा की नमी के स्तर को संतुलित करता है और झुर्रियों के साथ-साथ दाग-धब्बों, मुंहासों के प्रभाव को दूर करने में मदद करता है।
साबुन की कीमत
साबुन बनाने के लिए गधी के दूध में जैतून का तेल, बादाम का तेल, नारियल तेल मिलाया जाता है। इन सभी चीजों को मिलाकर साबुन बनाया जाता है। गधी के दूध से बने साबुन की कीमत भी ज्यादा होती है। कई ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर एक साबुन की कीमत 25 दिनार से लेकर 99 दिनार यानी 600 से लेकर 2500 रुपये तक होती है।

