Primary Ka Master Latest Updates👇

Wednesday, January 28, 2026

सरकारी कर्मचारियों के लिए संपत्ति विवरण नियम: पत्नी व आश्रितों की संपत्ति घोषित करना क्यों है अनिवार्य?

 सरकारी कर्मचारियों के लिए संपत्ति विवरण नियम: पत्नी व आश्रितों की संपत्ति घोषित करना क्यों है अनिवार्य?

सामान्यतः कार्मिक (सरकारी कर्मचारी) को अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण (Property Return) देते समय पत्नी और आश्रित बच्चों की संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य होता है।


सरकारी सेवा नियमावली (जैसे CCS Conduct Rules या राज्य सरकार के नियम) के अनुसार इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:


विवरण देना क्यों जरूरी है?


 * पारदर्शिता: शासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कर्मचारी की आय के ज्ञात स्रोतों और उसकी (या उसके परिवार की) संपत्ति के बीच तालमेल हो।


 * बेनामी संपत्ति पर रोक: अक्सर लोग अपने नाम पर संपत्ति न खरीदकर परिवार के सदस्यों के नाम पर निवेश करते हैं, इसलिए नियमों में 'परिवार' को शामिल किया गया है।


आपको क्या-क्या दिखाना होगा?


 * स्वयं के नाम की संपत्ति: जो आपके नाम पर रजिस्टर्ड है।


 * पत्नी/पति के नाम की संपत्ति: चाहे वह आपने उनके नाम पर खरीदी हो या उन्होंने अपने स्त्रीधन/स्वयं की आय से खरीदी हो।


 * आश्रितों के नाम की संपत्ति: बच्चों या अन्य परिवार के सदस्य जो पूरी तरह आप पर निर्भर हैं।


कुछ विशेष परिस्थितियाँ


 * अगर पत्नी स्वयं कामकाजी (Working) हैं: यदि आपकी पत्नी भी सरकारी सेवा में हैं, तो वे अपना विवरण अलग से भरेंगी। फिर भी, एक-दूसरे के विवरण में संदर्भ देना या जानकारी साझा करना नियमानुसार आवश्यक हो सकता है।


 * पैतृक संपत्ति: पत्नी को मायके से मिली संपत्ति या विरासत में मिली अचल संपत्ति का उल्लेख भी 'टिप्पणी' या 'प्राप्ति के स्रोत' वाले कॉलम में करना चाहिए।


> महत्वपूर्ण नोट: संपत्ति के विवरण में 'स्रोत' (Source of Fund) स्पष्ट करना सबसे जरूरी होता है। यदि संपत्ति पत्नी की अपनी बचत या उपहार से है, तो उसे फॉर्म में स्पष्ट रूप से लिखें।



सरकारी कर्मचारियों के लिए संपत्ति विवरण नियम: पत्नी व आश्रितों की संपत्ति घोषित करना क्यों है अनिवार्य? Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP UPDATEMART

Social media link