आपार आईडी निर्माण में सुस्ती, 7 खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन रोका गया
यह कार्रवाई उन अधिकारियों पर की गई है, जिनके विकासखंडों में आपार आईडी निर्माण की पेंडेंसी 30 प्रतिशत से अधिक पाई गई है। विभाग ने संबंधित बीईओ को 24 जनवरी तक सभी शेष छात्रों की आईडी पूर्ण कराने का अंतिम अवसर दिया है।
जिले में कुल 2 लाख 49 हजार 802 पंजीकृत छात्रों में से अब तक केवल 1 लाख 76 हजार 514 की आपार आईडी बन सकी है। इसके चलते जिले की कुल पेंडेंसी 29.19 प्रतिशत तक पहुंच गई है। खंडवार स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। कैम्पियरगंज में 36.94 प्रतिशत, खजनी में 34.34 प्रतिशत, गगहा में 33.23 प्रतिशत, जंगल कौड़िया में 32.46 प्रतिशत, उरूवा में 31.62 प्रतिशत, बड़हलगंज में 30.86 प्रतिशत और ब्रह्मपुर में 30.67 प्रतिशत छात्रों की आईडी अब तक तैयार नहीं हो सकी है।
प्रदेश स्तर पर परिषदीय विद्यालयों की आपार आईडी प्रगति रैंकिंग में गोरखपुर जिला 75वें स्थान पर है, जो चिंता का विषय माना जा रहा है। तुलनात्मक रूप से बस्ती 65वें, महाराजगंज 50वें, देवरिया 44वें, कुशीनगर 40वें और संत कबीर नगर 26वें स्थान पर हैं, जबकि शाहजहांपुर, सहारनपुर, हापुड़ और मुजफ्फरनगर जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है।
बीएसए की दो टूक चेतावनी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद संतोषजनक प्रगति न होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सभी छात्रों की आपार आईडी पूर्ण नहीं हो जाती, तब तक संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन जारी नहीं किया जाएगा।
बीएसए ने कहा कि छात्रों की शैक्षिक प्रगति की निगरानी और डेटा ट्रैकिंग के लिए आपार आईडी समय पर तैयार करना अनिवार्य है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी

