माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 100 पद खाली, 60 मार्च में होंगे सेवानिवृत्त, 15 मार्च तक पदोन्नति की मांग
लखनऊ। राजधानी के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी सामने आई है। विभिन्न स्कूलों में 100 से अधिक पद खाली हैं, जबकि मार्च माह में करीब 60 शिक्षक सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी सहित 18 विषयों के शिक्षक पद रिक्त हैं। वहीं राजकीय सैनिक स्कूल में जीव विज्ञान और नागरिक शास्त्र तथा निशातगंज स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में जीव विज्ञान समेत कई पद खाली पड़े हैं। बताया जा रहा है कि 20 से अधिक राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 100 से ज्यादा शिक्षक पद रिक्त हैं।
शिक्षक संघ ने उठाई भर्ती और पदोन्नति की मांग
उत्तर प्रदेश राजकीय शिक्षक संघ ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया है। संघ के अध्यक्ष सत्य शंकर मिश्र ने कहा कि राजकीय विद्यालयों में कार्यरत सहायक अध्यापकों को प्रवक्ता पद पर पदोन्नति का प्रावधान है, लेकिन पिछले कई वर्षों से पदोन्नति नहीं की गई है। इसके चलते 100 से अधिक पद रिक्त हैं।
उन्होंने दावा किया कि राजधानी समेत प्रदेश के लगभग 80 प्रतिशत राजकीय विद्यालयों में प्रवक्ता नहीं हैं। संघ ने आरोप लगाया कि पदों का विवरण पोर्टल पर अपडेट नहीं किया जा रहा है, जिससे स्थानांतरण प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
15 मार्च तक पदोन्नति की मांग
शिक्षक संघ ने मांग की है कि 15 मार्च 2026 तक सभी स्तरों की पदोन्नति अनिवार्य रूप से जारी की जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो संघ परिषदीय परीक्षा 2026 के मूल्यांकन कार्य से स्वयं को अलग रखेगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने कहा कि शिक्षकों की नई भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया शासन स्तर पर तय होती है और विभाग उसी के अनुरूप कार्रवाई करेगा।
शिक्षकों की लगातार घटती संख्या से विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

