क्रिप्टो निवेश की सरकार को नहीं दी जानकारी तो लगेगा 200 रुपये का रोजाना जुर्माना, हुआ बड़ा एलान
देश के आम बजट में वित्त मंत्री ने डिजिटल संपत्ति पर भी कई बड़ी घोषणाएं की है। केंद्रीय बजट 2026 में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) के लिए मौजूदा टैक्स फ्रेमवर्क को बरकरार रखा गया। इतना ही नहीं अगर आप क्रिप्टो में निवेश करते हैं और उसकी जानकारी सरकार को नहीं देते तो इसके लिए आपसे जुर्माना वसूला जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्रिप्टो ट्रांजैक्शन पर 1% TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) या नुकसान को एडजस्ट करने पर लगी रोक में कोई बदलाव की घोषणा नहीं की।
कितना लगेगा जुर्माना?
इस बार के बजट में क्रिप्टो निवेश की जानकारी न देने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। बजट में बताया गया कि एक्ट की धारा 509 में क्रिप्टो-एसेट के ट्रांजैक्शन के बारे में जानकारी देने की जिम्मेदारी का प्रावधान है।
धारा 509 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने और ऐसे स्टेटमेंट न देने या ऐसे स्टेटमेंट में गलत जानकारी देने वालों को रोकने के लिए, पेनल्टी का प्रावधान शुरू करने का प्रस्ताव है।
स्टेटमेंट न देने पर प्रति दिन 200 रुपये और गलत जानकारी देने और उस गलती को ठीक न करने पर 50,000 रुपये की पेनल्टी लगाने का प्रस्ताव है। यानी अगर आप क्रिप्टो करेंसी होल्ड करते हैं और उसकी जानकारी ITR में नहीं देते तो आपके ऊपर पेनल्टी लगेगी।
स्टेटमेंट न देने और स्टेटमेंट में गलत जानकारी देने पर पेनल्टी के प्रावधानों के लिए एक्ट की धारा 446 में संशोधन करने का प्रस्ताव है।
अगले वित्त वर्ष लागू होगा यह संशोधन
इस बजट में जो यह संशोधन किया गया है वह आगामी वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। यानी अगले वित्त वर्ष से आपको क्रिप्टो निवेश की जानकारी देना अनिवार्य होगा। अगर आप एक क्रिप्टो निवेशक है तो आपको इसकी जानकारी सरकार को देनी होगी।
मुड्रेक्स के CEO एडुल पटेल ने कहा कि वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के लिए मौजूदा टैक्स फ्रेमवर्क को बनाए रखने के केंद्रीय बजट के फैसले से निरंतरता बनी रहेगी, लेकिन इंडस्ट्री को उम्मीद थी कि मार्केट में भागीदारी और ऑनशोर लिक्विडिटी को बेहतर बनाने के लिए सोच-समझकर सुधार किए जाएंगे।

