प्रतापगढ़ में 54 और कौशांबी में 52 प्रकरण लंबित
प्रदेश के 75 जिलों में से 19 जिलों में 100 से अधिक मामले लंबित हैं। शेष 56 में 100 से कम प्रकरण हैं। प्रतापगढ़ में 54 कर्मियों के अवकाश के मामले लंबित हैं। कौशांबी में यह संख्या 52 है। अलीगढ़ में 63, अयोध्या में 52, बलिया में 57, जौनपुर में 92 कर्मियों के अवकाश का निस्तारण नहीं हुआ है।
प्रयागराज : मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों व कार्मिकों के अवकाश, उपार्जित अवकाश, मातृत्व अवकाश आदि के निस्तारण निर्धारित अवधि में करने के निर्देश हैं। मानव संपदा पोर्टल पर पांच फरवरी 2026 तक के विवरण के अनुसार, प्रदेशभर के विद्यालयों में अब तक 5611 मामले लंबित हैं। इनमें सीसीएल के 4704, अर्नलीव के 746, मातृत्व अवकाश संबंधी 106 और चिकित्सकीय अवकाश के 55 प्रकरण हैं।
शिक्षा निदेशक (बेसिक) प्रताप सिंह बघेल ने सभी जिलों के बीएसए को पत्र लिखकर जवाब मांगा है। यह भी कहा है कि सभी मामलों का निस्तारण अनिवार्य रूप से शनिवार तक कर लिया जाए। पत्र में बताया गया है कि मानव संपदा पोर्टल की समीक्षा मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से 10 फरवरी को की जाएगी। यह भी स्पष्ट करना होगा कि किन परिस्थितियों में प्रकरण निस्तारित नहीं हो रहे हैं। जनपदवार देखें तो सबसे अधिक लंबित मामले सीतापुर में 262 और उन्नव में 200 प्रकरण हैं। इनमें सीसीएल के क्रमशः 207 व 185 मामले हैं। इसके अतिरिक्त लखनऊ में 148, मेरठ में 110 मुरादाबाद में 179, रायबरेली में 145, वाराणसी में 164, आगरा में 175, बाराबंकी में 191, बरेली में 160, बहराइच में 106, बिजनौर में 149, बुलंदशहर में 115, फतेहपुर में 152, गोरखपुर में 118, हापुड में 106, कानपुर देहात में 130, कानपुर नगर में 122, प्रयागराज में 166 मामले अवकाश संबंधी प्रकरण लंबित हैं।
प्रयागराज में मातृत्व अवकाश के 144 व अर्नलीव के 22 प्रकरण निस्तारित नहीं हुए हैं। इस संबंध में बीएसए अनिल कुमार का कहना है कि वर्तमान में जनपद में एक भी मामले लंबित नहीं है। छह फरवरी को मानव संपदा पोर्टल के प्रत्येक प्रकरण निस्तारित कर दिए गए। कुछ शिक्षकों व कर्मचारियों के अवकाश स्वीकृत किए गए तो कुछ रद्द किए गए। ऐसे शिक्षक भी हैं, जिनके अवकाश रद्द किए गए हैं, लेकिन वे तुरंत दोबारा आवेदन कर दिए हैं। प्रतिदिन शाम को सभी मामलों को निस्तारित कर दिया जाता है।

