फ्रॉड का है डर तो लें साइबर बीमा सुरक्षा, क्या कवर करता है?
क्या आप जानते हैं एक छोटी-सी गलती में जीवन भर की कमाई उड़ सकती है। तेजी से बढ़ते साइबर हमलों के दौर में मोबाइल और ऑनलाइन बैंकिंग हर व्यक्ति को जोखिम में डाल रहे हैं। ऐसे में साइबर इंश्योरेंस एक बड़ा सहारा साबित हो सकता है। आइए जानते हैं साइबर इंश्योरेंस क्या है और इसके क्या फायदे हैं।
आजकल डिजिटल लेनेदेन में तेजी आई है। हर जगह आपको ऑनलाइन पेमेंट का ऑप्शन मिल जाएगा। ऐसे में बहुत से लोग डिजिटल की ओर रूख कर चुके हैं। इस बीच वित्तीय धोखाधड़ी भी तेजी से बढ़ी है। कई लोग साइबर फ्रॉड के शिकार हो रहे हैं। इंटरनेट, ऑनलाइन लेनदेन और डिजिटल साक्षरता की कमी ने साइबर अपराधियों को और अधिक सक्रिय बना दिया है, जिससे सतर्क रहने की आवश्यकता बढ़ गई है। ऐसे नुकसान से बचने के लिए आप साइबर इंश्योरेंस को चुन सकते हैं। डिजिटल दौर में यह अब सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि जरूरत बनता जा रहा है। बढ़ते साइबर हमलों, डेटा चोरी, रैनसमवेयर और ऑनलाइन धोखाधड़ी के जोखिम को देखते हुए यह बीमा वित्तीय नुकसान से बचाव प्रदान करता है। यदि किसी कंपनी का संवेदनशील डेटा हैक हो जाता है या सिस्टम ठप हो जाता है, तो साइबर बीमा कानूनी खर्च, डेटा रिकवरी, ग्राहक सूचना और व्यवसाय रुकावट से हुए नुकसान की भरपाई में मदद करता है। छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए भी यह जरूरी होता जा रहा है।
ऑनलाइन सुरक्षा की किसे है जरूरत?
1. ऑनलाइन खरीदार और बैंकिंग यूजर
2. हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स
3. रिमोट वर्कर्स और फ्रीलांसर
4. सोशल मीडिया यूजर्स और इन्फ्लुएंसर
5. बच्चे और परिवार
6. व्यक्तिगत जानकारी डिजिटल रूप से सहेजने वाले
साइबर हमलों से होने वाले नुकसान से सुरक्षा
साइबर इंश्योरेंस जरूरी है क्योंकि यह साइबर हमलों से होने वाले नुकसान को कवर करता है। साइबर हमले किसी भी समय हो सकते हैं और इनसे होने वाले नुकसान बहुत बड़े हो सकते हैं। साइबर इंश्योरेंस आपको साइबर हमलों के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान से बचाता है। अगर आपके बिजनेस पर साइबर अटैक हुआ है तो ये आपके बिजनेस को फिर से खड़ा करने में मदद करेगा।
एक्सपर्ट की सलाह
इस मामले में जानकारों का कहना है कि भारतीय परिवारों के लिए साइबर इंश्योरेंस डिजिटल जोखिमों से सुरक्षा का एक मजबूत उपाय है। यह ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़िशिंग और रैनसमवेयर से होने वाले नुकसान को कवर करता है। कई कंपनियां कानूनी सहायता और हैक हुए खातों को ठीक कराने में भी मदद करती हैं। वहीं अगर लापरवाही हुई हो, देर से रिपोर्ट की गई हो या अनियमित प्लेटफॉर्म जैसे क्रिप्टो में नुकसान हुआ हो, तो दावा खारिज भी हो सकता है।
कैसे काम करता है
साइबर बीमा कंपनियां साइबर हमलों से होने वाले नुकसान को कवर करने के लिए प्रीमियम लेती हैं। जब कोई साइबर हमला होता है, तो बीमाधारक कंपनी को सूचना देता है और कंपनी नुकसान का आकलन करती है। यदि नुकसान बीमा पॉलिसी के तहत आता है, तो कंपनी नुकसान की भरपाई करती है। अगर इसे सुरक्षित डिजिटल आदतों जैसे मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के साथ अपनाया जाए, तो यह परिवारों के
लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बन सकता है।
लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बन सकता है।
क्या कवर करता है?
साइबर इंश्योरेंस ऑनलाइन ठगी से होने वाले नुकसान की भरपाई में मदद करता है। आमतौर पर इसमें ये चीजें शामिल होती हैं:
● अनधिकृत ऑनलाइन लेन-देन, पहचान चोरी, फ़िशिंग और रैनसमवेयर हमला
● कुछ मामलों में साइबर उत्पीड़न कई बीमा कंपनियां कानूनी सलाह भी देती हैं। आपका खाता हैक हो जाए तो उसे चालू कराने में मदद करती हैं और बैंक या पुलिस में शिकायत दर्ज कराने में सहयोग करती हैं।

