UPMSP Exam 2026: यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी से गायब शिक्षकों पर होगी सख्त कार्रवाई, बोर्ड का बड़ा एक्शन
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने अपनी परीक्षाओं की शुचिता और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक बहुत बड़ा और सख्त फैसला लिया है। बोर्ड ने उन सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी दी है जो परीक्षा कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं या बिना किसी ठोस कारण के ड्यूटी से अनुपस्थित रह रहे हैं। बोर्ड के स्पष्ट निर्देश हैं कि अब ऐसे शिक्षकों को कोई चेतावनी नहीं दी जाएगी, बल्कि सीधे उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं राज्य के सबसे बड़े शैक्षणिक आयोजनों में से एक होती हैं। इन परीक्षाओं में लाखों छात्र शामिल होते हैं, और उनकी सुरक्षा व शांतिपूर्ण आयोजन के लिए हजारों शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है। लेकिन हाल के दिनों में यह देखा गया है कि कुछ शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहे हैं और परीक्षा के दौरान ड्यूटी से गायब हो रहे हैं।
बोर्ड का मानना है कि शिक्षकों की अनुपस्थिति न केवल परीक्षा मैनेजमेंट पर असर डालती है, बल्कि इससे पूरी व्यवस्था में अव्यवस्था फैलने का डर भी रहता है। अब बोर्ड ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए यह साफ कर दिया है कि ड्यूटी में कोताही बरतने वाले शिक्षकों को किसी भी प्रकार की नरमी नहीं दिखाई जाएगी।
क्या होगी कार्रवाई?
बोर्ड द्वारा जारी नए आदेशों के अनुसार, यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी अपनी परीक्षा ड्यूटी से अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसके खिलाफ ये कदम उठाए जा सकते हैं:
विभागीय कार्रवाई: अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाएगी, जिससे उनकी सर्विस बुक पर प्रभाव पड़ सकता है।
वेतन कटौती और निलंबन: अनुशासनहीनता के दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षक का वेतन काटा जा सकता है या उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जा सकता है।
एफआईआर (FIR) की चेतावनी: यदि ड्यूटी छोड़ने के कारण परीक्षा प्रक्रिया में कोई बड़ी बाधा आती है, तो बोर्ड गंभीर मामलों में संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई या एफआईआर दर्ज करने के भी निर्देश दे सकता है

