वेतन से ज्यादा पेंशन पर खर्च होगा
25.13 लाख से अधिक है भूतपूर्व सैनिकों की संख्या
देश में 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार भूतपूर्व सैनिकों की संख्या 25.13 लाख थी। इसमें अब थोड़ा इजाफा और हो गया होगा। तीनों सेनाओं से मिलाकर करीब 60 हजार सैनिक और अफसर हर साल सेवानिवृत्त होते हैं। जबकि सेवारत सैनिकों एवं अफसरों की संख्या (अग्निवीर छोड़कर) इस समय करीब 14 लाख के आसपास होने की संभावना है। बता दें कि भूतपूर्व सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन योजना लागू है जिसमें हर पांच साल बाद इसकी समीक्षा होती है।
● मदन जैड़ा
नई दिल्ली। देश में तीनों सेनाओं के सैनिकों एवं अफसरों के वेतन-भत्तों पर सरकार जितना खर्च करती है, उससे कहीं ज्यादा भूतपूर्व कर्मियों की पेंशन पर खर्च करना पड़ रहा है। रक्षा बजट के आंकड़ों को देखें तो पेंशन पर खर्च होने वाली राशि सेवारत सैनिकों के वेतन-भत्तों से कहीं ज्यादा हो चुकी है।
रक्षा बजट के लिए इस बार रिकॉर्ड 7.85 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसमें दो बड़े हिस्से वेतन एवं पेंशन के भी हैं। तीनो सेनाओं के वेतन के लिए कुल 148365 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इनमें सेना के वेतन पर 118167, नौसेना के 9662 तथा वायुसेना के 20536 करोड़ शामिल हैं।
पेंशन के लिए 171338 करोड़ आवंटित : बजट में पेंशन के लिए कुल 171338 करोड़ का आवंटन किया गया है। हालांकि पेंशन खर्च इससे भी ज्यादा है। थल सेना पर 151631, नौसेना के 10023, वायुसेना के सेवानिवृत्त कर्मियों पर 17646 करोड़ खर्च का अनुमान है। यह राशि जोड़कर 179300 करोड़ रुपये होती है लेकिन इसमें 8 हजार करोड़ की एक वसूली को समाहित किया गया है जिसके बाद यह 1.71 लाख करोड़ हो रही है।
3.19 लाख करोड़ वेतन और पेंशन पर खर्च होंगे : रक्षा के कुल आवंटन 7.85 लाख करोड़ में से करीब 3.19 लाख करोड़ रुपये वेतन एवं पेंशन पर खर्च होंगे। शेष में से 2.19 करोड़ रक्षा आधुनिकीकरण पर खर्च होंगे जिससे सेनाओं के लिए नए साजो समान की खरीद की जाएगी। बाकी में से डीआरडीओ को 29100 करोड़, सेना की स्वास्थ्य सेवा ईसीएचएस के लिए 12100 करोड़ तथा बीआरओ को 7394 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

