‘योगी की पाती’ से छात्रों को संदेश: नए सत्र में शिक्षा, संस्कार और खेल पर जोर
📰 ‘योगी की पाती’ से छात्रों को संदेश: नए सत्र में शिक्षा, संस्कार और खेल पर जोर
📍 उत्तर प्रदेश | शिक्षा विशेष
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत पर छात्रों के नाम ‘योगी की पाती’ जारी की है। इस पत्र में उन्होंने बच्चों, अभिभावकों और समाज से शिक्षा को लेकर महत्वपूर्ण अपील की है।
📚 बच्चों के लिए क्या संदेश?
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा:
नए सत्र में पूरे मन से पढ़ाई, खेल और गतिविधियों में भाग लें
जीवन में आगे बढ़ने के लिए संस्कारयुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जरूरी है
स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए खेलकूद और योग को दिनचर्या में शामिल करें
तकनीक का सही उपयोग करें और स्क्रीन टाइम कम रखें
👨👩👧 अभिभावकों से अपील
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से आग्रह किया:
अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के साथ-साथ
आसपास के उन बच्चों को भी स्कूल भेजने में मदद करें, जो शिक्षा से वंचित हैं
सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाने का संकल्प लें
🎯 ‘स्कूल चलो अभियान’ पर जोर
राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक चलने वाला भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
🌟 क्या है लक्ष्य?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि: 👉 “विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी पूरा होगा, जब हर बच्चा पढ़ेगा और आगे बढ़ेगा।”
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‘योगी की पाती’ के जरिए सरकार ने शिक्षा को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखकर संस्कार, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का संदेश दिया है। यह पहल राज्य में शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

