TET अनिवार्यता पर बड़ी पहल: राज्यसभा सांसद ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र
📌 नई दिल्ली | शिक्षा जगत से जुड़ी बड़ी खबर
राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर टीईटी (TET) अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई है।
📄 क्या है पूरा मामला?
पत्र में सांसद ने बताया कि आरटीई अधिनियम 2009 लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि:
इससे शिक्षकों को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है
यह नियम उनके दीर्घकालिक अनुभव और सेवाओं के अनुरूप नहीं है
इससे शिक्षा व्यवस्था में अस्थिरता भी उत्पन्न हो सकती है
📢 क्या की गई मांग?
सांसद ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि:
संबंधित नियमों में आवश्यक संशोधन किया जाए
पुराने (पूर्व नियुक्त) शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से मुक्त किया जाए
इससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा गुणवत्ता में सुधार होगा
🏫 शिक्षकों के लिए क्या मतलब?
यह मांग अगर स्वीकार होती है, तो देशभर के हजारों ऐसे शिक्षक जो आरटीई 2009 से पहले नियुक्त हुए थे, उन्हें बड़ी राहत मिल सकती है।

