यूपी में कल से फिर बदलेगा मौसम, कई जिलों में बारिश की संभावना
यूपी में मार्च का महीना कई रंग दिखा रहा है। कभी तेज धूप तो कभी बारिश। इसी क्रम में एक बार फिर मौसम का मिज़ाज बदलने वाला है। पिछले सप्ताह आंधी, ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को प्रभावित करने के बाद मौसम का मिजाज 26 मार्च से एक बार फिर तल्ख होने के आसार है। कई जिलों में बारिश होने की संभावना है।
पिछले हफ्ते के आखिर में हुई बारिश के चलते तापमान में जो गिरावट आई उसका असर अभी तक बरकरार है। सुबह और रात के समय गुलाबी सर्दी महसूस की जा रही है और अब हिमालय क्षेत्र पर नए पश्चिमी विक्षोभ की आहट हुई है। जिसका असर इस हफ्ते के आखिर तक मौसम के मिजाज पर दिखाई दे सकता है। खासकर दिन के अधिकतम तापमान में थोड़ी और कमी आ सकती है।
चमक-गरज के साथ पड़ सकती हैं बौछारें
मौसम विभाग ने 26 मार्च को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है जबकि पूर्वी भाग में मौसम सामान्यतः शुष्क रहेगा। हालांकि 27 मार्च को दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं वर्षा और गरज-चमक की संभावना है। 28 मार्च को पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने के आसार है वहीं 29 मार्च को: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर वर्षा या बौछारें पड़ने का अनुमान है जबकि पूर्वी हिस्से में मौसम शुष्क रहेगा। 30 मार्च को पश्चिमी और पूर्वी दोनों क्षेत्रों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
कुछ स्थानों पर गिर सकते ही बिजली
वैज्ञानिकों के अनुसार 27 मार्च को प्रदेश के कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से विशेषकर 27 मार्च को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।
मुरादाबाद के आसपास हल्की बारिश की संभावना
मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार 26 मार्च को आसमान पर आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। एक दो बार हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। शुक्रवार को मौसम के लाभ साफ बने रहने का अनुमान जाहिर किया गया है, जबकि, शनिवार और रविवार को फिर हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना व्यक्त की गई है। बारिश होने पर दिन के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का अनुमान है, जबकि, रात के न्यूनतम तापमान में तकरीबन एक डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की जा सकती है।

