बीएसए की अदूरदर्शिता से शिक्षकविहीन हुआ प्रावि रामनगर टिकरान
डलमऊ ब्लाक का प्राथमिक विद्यालय रामनगर टिकरान बीएसए की अदूर दर्शिता के चलते शिक्षकविहीन हो गया है। आरोपों से घिरी इंचार्ज प्रधानाध्यापिका को एआरपी बनवाने के बाद बीएसए ने उसकी ज्वाइनिंग में सबसे बड़ी कांटा बन रही शिक्षिका को सस्पेंड कर दिया है। यही नहीं आनन-फानन डलमऊ ब्लाक के दूसरी क्षोर पर स्थित स्कूल के प्रधानाध्यापक को चार्ज भी दिलवा दिया गया है। अब रामनगर टिकरान में सिर्फ एक शिक्षामित्र बची हैं। जिनके जिम्मे एक से पांच तक के कक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी है। चार्ज लेने आए शिक्षक ने भी बताया कि उन्हें बीएसए आफिस से चार्ज लेने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इसलिए वह आए हैं। गौरतलब है कि प्राथमिक विद्यालय रामनगर टिकरान में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका श्रीमती रीता देवी और सहायक अध्यापिका आयुषी के मध्य विवाद चल रहा था।
इस विवाद में रीता देवी का सहयोग सहायक अध्यापक विकास चौधरी कर रहे थे। जांच के दौरान रीता देवी और विकास चौधरी दोषी पाए गए। बीएसए राहुल सिंह ने कार्रवाई करने के बजाय कड़ी चेतावनी देकर दोनों आरोपियों के कारनामों पर पर्दा डाल दिया। इसी का फायदा विकास चौधरी को मिला और वह एआरपी बन गए। स्कूल में सिर्फ रीता देवी, आयुषी और शिक्षा मित्र सरिता सिंह बची। इसके बाद जांच में रीता देवी फंसती नजर आईं तो मेहरबान अफसरों ने इन्हें भी एआरपी के लिए आवेदन करा दिया। जांच गतिमान होने के बावजूद इनका चयन किया गया। चार्ज दिलाने के लिए आयुषी पर दबाव बनाया जा रहा था। आयुषी चार्ज के दौरान अध्यापक उपस्थिति पंजिका में हुई टेंपरिंग के उल्लेख पर अड़ी थी।
कई बार शिक्षिका ने बीईओ और बीएसए से मार्गदर्शन मांगा, लेकिन बीएसए ने रीता देवी के रास्ते को साफ करते हुए आयुषी को सस्पेंड कर दिया। शनिवार को प्राथमिक विद्यालय मुर्शिदाबाद के इंचार्ज प्रधानाध्यापक राकेश टंडन को चार्ज लेने भेजा गया। रीता देवी ने राकेश टंडन को चार्ज दे दिया। टंडन खुद दूसरी क्षोर पर स्थित स्कूल के हेड हैं। वह रामनगर टिकरान के लिए क्या करेंगे यह बड़ा सवाल है? इसके बाद शिक्षामित्र सरिता सिंह बची हैं। इस प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में 19, दो में 07, तीन में 11, चार में 18 और कक्षा 5 में 14 छात्र हैं। कुल 69 छात्र
प्राथमिक विद्यालय रामनगर टिकरान अध्ययनरत हैं। अब इन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी सिर्फ एक शिक्षामित्र पर होगी। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी राहुल सिंह अदूरदर्शी सोच के चलते शासन के निर्देशों के विपरीत यह विद्यालय शिक्षकविहीन हो गया है। अभिभावक परेशान हैं। उनके बच्चों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। ऐसे में एक शिक्षामित्र कक्षा 5 तक की कक्षाओं की परीक्षा व्यवस्था कैसे संभालेगी। कुल मिलाकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की कार्यशैली विभाग और छात्रहित में नहीं दिख रही है। चार्ज लेने वाले राकेश टंडन को फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

