सीवान सदर समेत 13 बीईओ से डीपीओ ने मांगा स्पष्टीकरण
जिले में ई संवर्धन पोर्टल पर प्रस्वीकृति के लिए प्राप्त 28 आवेदनों को लंबित रखना बीईओ सीवान सदर, बड़हरिया, दरौली, दारौंदा, हुसैनगंज, मैरवा, नौतन, पचरुखी, रघुनाथपुर महाराजगंज, बसंतपुर, गोरियाकोठी व लकड़ी नबीगंज के लिए टेंशन का कारण बन गया है। क्योंकि, इस मामले में सख्ती का पालन करते हुए डीपीओ प्रा. शि. एवं सर्व शिक्षा अभियान जय कुमार ने ई संवर्धन पोर्टल पर प्रस्वीकृति के लिए प्राप्त 28 आवेदनों को लंबित रखने के मामले में संबंधित बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा है।
दिसाथ ही, डीपीओ एसएसए जय कुमार ने सीवान सदर समेत संबंधित बीईओ को 8 अप्रैल को पत्र जारी कर 10 अप्रैल तक सभी लंबित आवेदनों का भौतिक सत्यापन गुण दोष के आधार पर करते हुए इसे स्वीकृत या अस्वीकृत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसमें कोताही बरते जाने पर सम्यक जवाबदेही संबंधित बीईओ की होगी। बहरहाल, इस संदर्भमें जारी पत्र में डीपीओ एसएसए ने जिले के निजी स्कूलों द्वारा आरटीई के तहत प्रस्वीकृति के लिए ई संवर्धन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया था। बावजूद प्रखंड स्तर पर अभी भी 28 आवेदनों का सत्यापन लंबित है
जिले के सात निजी स्कूलों को आरटीई की प्रतिपूर्ति राशि के भुगतान के लिए तीन दिनों में जांच कर इसका जांच प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराने में जिला प्रशाशन के वरीय पदाधिकारी रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इन पदाधिकारियों में डीएसओसीमा कुमारी, जिला कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार झा, प्रभारी सहायक निदेशक उद्यान विपिन कुमार पोद्दार व प्रखंड कल्याण पदाधिकारी अदिति शामिल हैं। दरअसल, बताया जा रहा कि निजी स्कूलों में आरटीई के तहत नामांकित छात्रों की प्रतिपूर्ति राशि के दावे के लिए संबंधित विद्यालयों की
■सभी लंबित आवेदनों का सत्यापन 10 अप्रैल तक गुण दोष के आधार पर करते हुए करें स्वीकृत या अस्वीकृत
■सत्यापन में कोताही बरते जाने पर पूरी जवाबदेही संबंधित बीईओ की होगी
■शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के स्तर से लगातार इसकी समीक्षा की जा रही है
जांच तीन दिनों के अंदर करते हुए जांच प्रतिवेदन डीपीओ एसएसए को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के स्तर से लगातार इसकी समीक्षा की जा रही है। इसे लेकर डीईओ के स्तर से भी संबंधित पत्रों के माध्यम से चारों अधिकारियों को समरित कराया जाता रहा बावजूद सात निजी स्कूलों की जांच प्रतिवेदन निर्धारित अवधि तक प्राप्त नहीं हो सकी। बहरहाल, इस संदर्भ में डीईओ राघवेंद्र प्रताप सिंह ने डीएसओ सीमा कुमारी, जिला कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार झा से जांच रिपोर्ट मांगी है।
