स्कूली शिक्षा सुधार के लिए एनसीईआरटी शुरू करेगा शिक्षक डिग्री कार्यक्रम, 27-28 से दाखिले
नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) अब स्कूली पाठ्यक्रम तैयार करने के साथ-साथ शिक्षक शिक्षा में भी बड़ा बदलाव करने जा रहा है। शैक्षणिक सत्र 2027-28 से एनसीईआरटी स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर पर अपने डिग्री कार्यक्रम शुरू करेगा, जिनमें बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड कोर्स शामिल होंगे।
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पहली बार स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम के आधार पर शिक्षक बनने की पढ़ाई का पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। इससे पहले इस पाठ्यक्रम की समीक्षा रिपोर्ट तैयार होगी और
उसमें मौजूद कमियों को दूर किया जाएगा। इसके लिए एनसीईआरटी, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के साथ मिलकर काम करेगा। इन पाठ्यक्रमों में दाखिला एनसीटीई की ओर से आयोजित प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर दिया जाएगा। इसके तहत एनसीईआरटी परिसर और छह अन्य कॉलेजों में सीटें उपलब्ध होंगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के प्रस्ताव पर एनसीईआरटी को 'डीम्ड टू-बी विश्वविद्यालय' का दर्जा दिया है।
प्रवेश परीक्षा की मेरिट से बीए-बीएड, बीएससी-बीएड, बीकॉम-बीएड में एनसीईआरटी और 6 कॉलेजों में मिलेगा दाखिला
अब तक एनसीईआरटी बालवाटिका से कक्षा 12 तक के पाठ्यक्रम और किताबें तैयार करता रहा है, लेकिन उसी आधार पर शिक्षक प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम में एकरूपता नहीं थी।
नई पहल के तहत शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार पर रहेगा फोकस नई पहल के तहत शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार, पढ़ाने के तरीकों में बदलाव, खेल-आधारित शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग और तकनीक आधारित शिक्षण को आसान बनाने के तरीकों पर शोध किया जाएगा

