यूपी बोर्ड : हाईस्कूल व इंटर में गणित ने परिणाम पर असर डाला: हिन्दी में ही 5.81 लाख परीक्षार्थी हो गए फेल
। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में गणित विषय ने परीक्षार्थियों की गणित बिगाड़ दी। दोनों ही स्तर पर इस विषय में सर्वाधिक परीक्षार्थी फेल हुए हैं। आलम यह है कि 10वीं-12वीं के औसत परिणाम से कम परीक्षार्थी गणित विषय में पास हो सके हैं। गुरुवार को घोषित परिणाम पर नजर दौड़ाएं तो पला चलेगा कि 10वीं में 3,64,588 जबकि 12वीं में 85,344 कुल (4,49,932) परीक्षार्थी केवल गणित विषय में फेल हैं।
हाईस्कूल में पंजीकृत 2761972 परीक्षार्थियों में से 2352181 (90.42 प्रतिशत) पास हैं।
10वीं में कुल 1984265 छात्र-छात्राओं ने गणित विषय लिया था जिनमें से 1605035 (81.29%) पास हैं जबकि 364588 फेल हो गए। विज्ञान में भी पंजीकृत 2758848 में से 2298929 (83.98%) पास हैं जबकि 438689 फेल हो गए हैं। इसी प्रकार इंटरमीडिएट में भी गणित का परिणाम निराशाजनक रहा है। इंटर में पंजीकृत 2575460 छात्र-छात्राओं में से 1998317 (80.38%) सफल हैं।
इनमें से गणित लेने वाले 398628 परीक्षार्थियों में से 297185 (77.69%) पास हैं जबकि 85344 फेल हो गए। इतिहास लेने वाले 247346 छात्र-छात्राओं में से 180214 (77.17%) पास और 53324 असफल हैं। इंटर भौतिक विज्ञान में 257052 और रसायन विज्ञान में 267797 परीक्षार्थी फेल हो गए। जीव विज्ञान में 156177 परीक्षार्थी पास नहीं हो सके।
छह लाख छात्रों की अंग्रेजी ने डुबोई लुटिया
अंग्रेजी ने भी 6,40,185 परीक्षार्थियों की लुटाई डुबोई है। 10वीं में अंग्रेजी लेने वाले 2678815 परीक्षार्थियों में से 2262518 (85.11%) पास और 395952 फेल हैं। वहीं 12वीं में अंग्रेजी विषय की परीक्षा देने वाले 2229043 परीक्षार्थियों में से 1984810 (89.04%) पास और 244233 फेल हैं।
हिन्दी में ही 5.81 लाख परीक्षार्थी हो गए फेल
प्रयागराज। बोर्ड परीक्षा के परिणाम में मातृभाषा हिंदी में ही 5,81,703 परीक्षार्थी फेल हो गए हैं। हाईस्कूल में हिन्दी में पंजीकृत 2756211 परीक्षार्थियों में से 2345182 (85.74%) पास हैं जबकि 389911 फेल हैं। स्पष्ट है कि हाईस्कूल हिंदी में औसत से भी कम विद्यार्थी पास हुए हैं। इंटर में सामान्य हिंदी लेने वाले 1754881 छात्र-छात्राओं में से 1564161 (93.85%) पास हैं और 102448 फेल हैं। वहीं इंटर में साहित्यिक हिंदी लेने वाले 744695 परीक्षार्थियों में से 610577 (87.24%) पास और 89344 फेल हैं।

