चार शिक्षकों के सर्टिफिकेट में गड़बड़ी का मामला उजागर
युवा के लिए ------ सख्ती सर्टिफिकेट के जांच के लिए संबंधित बोर्ड में प्रमाण पत्र भेजा गया था शिक्षकों से मैट्रिक, इंटरमीडिएट की परीक्षा का एडमिट कार्ड की मांग बक्सर, हमारे संवाददाता। जिले में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर शिक्षक की नौकरी करने वालों की जिला शिक्षा कार्यालय लगातार खोज मे जुटा हुआ है। ताकि, इस तरह के शिक्षकों पर कार्रवाई की जा सके। फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी करने वाले अभ्यर्थियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। इसी क्रम मे यह सामने आया है कि जिले के चार शिक्षक के सर्टिफिकेट पर दूसरे जिले मे भी गुरूजी नौकरी मे इन शिक्षकों का वेतन भुगतान पर रोक लगाई गई है। जिला शिक्षा कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य विद्यालय बगही के शिक्षक राजीव कुमार, मध्य विद्यालय कांट की शिक्षिका नीलम कुमारी, मध्य विद्यालय पूर्वा की शिक्षिका रानी कुमारी, प्राथमिक विद्यालय मथियापुर के संगीता प्रसाद सारिका नाम सामने आया है। इन सभी शिक्षकों के सर्टिफिकेट के जांच के लिए संबंधित बोर्ड में प्रमाण पत्र भेजा गया था। लेकिन, वहां से सत्यापन मे नाम, पिता का नाम, रौल नंबर आदि सही पाया गया है। परंतु इस बात का प्रमाण नही मिल रहा है कि सर्टिफिकेट मूल रूप से इनका ही है। क्योंकि उन सर्टिफिकेट पर संबंधित अभ्यर्थी का फोटो नही होता है। एसे मे इन चारों शिक्षकों से मैट्रिक, इंटरमीडिएट की परीक्षा का एडमिट कार्ड की मांग की है। जिससे वास्तविकता का पता चल सके। वहीं ने बताया कि कई एसे प्रमाण है जिसका उपयोग सूबे के विभिन्न जिलों में अभ्यर्थी कर रहे है। उस पर नौकरी कर रहे है। जिससे इस बात का पता लगाना मुश्किल है कि मूल सर्टिफिकेट किसका है। इसका पता एडमिट कार्ड से हो सकता है। वही इस संबंध मे डीपीओ स्थापना रजनीश कर रहे है।
