मॉर्निंग स्कूल के लिए गांवों में घर खोज रहे शिक्षक
मॉर्निंग स्कूल स्कूल के लिए सैकड़ों शिक्षक गांवों में घर खोज रहे हैं। छह अप्रैल से सुबह साढ़े छह बजे से स्कूल चलना है। शिक्षकों की तलाश के बाद ग्रामीण इलाकों में कमरे का किराया बढ़ गया है।
स्कूल के पास घर तलाशने के पीछे का कारण है समय पर पहुंचा। जिले में रोजाना सैकड़ों शिक्षक 30-50 किमी की दूरी तय कर स्कूल पहुंचते हैं। सुबह के वक्त समय पर पहुंचने की जल्दबाजी में लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। सालभर में दो दर्जन से अधिक शिक्षक हादसे के शिकार हुए हैं। इसमें कई के तो हाथ पैर टूटे हैं तो कई असमय काल के छह अप्रैल से सुबह साढ़े छह बजे से होना है स्कूल का संचालन गाल में समा गए। ऐसे में सोमवार से मॉर्निंग स्कूल से पहले मीनापुर, मोतीपुर, कटरा, औराई समेत विभिन्न प्रखंडों में शिक्षक खासकर महिलाएं घर खोज रही हैं। उच्च माध्यमिक विद्यालय जसौली में कार्यरत सुषमा कुमारी ने कहा कि पुलिस लाइन से रोज 45 किमी की दूरी तय करना पड़ता है। सुबह 7 बजे निकलना पड़ता था। अब सुबह 4:50 बजे ही निकलना पड़ेगा। मोतपुर में रूम खोज रही हूं। सिंगल रूम का 4500 मांगा जा रहा है।
