जमुई का नागी जलाशय बना मौत का कारण : शिक्षक और पुत्र की डूबने से मौत, सच जानकर हर कोई हैरान
मंगलवार को झाझा प्रखंड के नागी जलाशय से पुलिस ने बाराजोर गांव के शिक्षक मु. तौफीक उमर और उनके सात वर्षीय पुत्र अरहान गाजी का शव बरामद किया। जलाशय के पास मृतक की बाइक और चप्पल भी मिली। घटना की सूचना पाते ही ग्रामीणों की भीड़ जलाशय पर उमड़ पड़ी। पुलिस ने दोनों शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए जमुई भेज दिया।
मिली जानकारी के अनुसार शिक्षक मंगलवार सुबह अपने पुत्र के साथ बाइक पर घूमने निकले थे। दो-तीन घंटे बाद घर न लौटने पर परिजनों ने मोबाइल से संपर्क किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। शिक्षक के पिता इकबाल अंसारी ने इसकी सूचना झाझा पुलिस को दी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की, जो अंतिम बार नागी जलाशय के पास मिली। ग्रामीणों ने आसपास खोजबीन शुरू की, तभी जलाशय में शव और बाइक मिली।
स्थानीय लोगों ने बताया कि शिक्षक स्वभाव से मिलनसार और बच्चों के प्रति स्नेही थे। वे चार माह पहले उत्क्रमित मध्य विद्यालय टहवा में नियुक्त हुए थे। सोमवार को शिक्षक नियमित रूप से स्कूल गए और शाम को चार बजे घर लौटे। आमतौर पर शिक्षक अपने पुत्र के साथ आसपास ही टहलने जाते थे, लेकिन इस दिन वे अचानक नागी जलाशय तक पहुंच गए
प्रारंभिक अनुमान है कि जलाशय का पानी गहरा था और पुत्र को बचाने के प्रयास में शिक्षक भी गहरे पानी में चले गए। शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। घटनास्थल पर जिला पार्षद धर्मदेव यादव, थानाध्यक्ष संजय कुमार, मुखिया प्रतिनिधि प्रो. अनवर अंसारी समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि स्वजन के आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और शवों का पोस्टमार्टम संपन्न किया गया है।
यह घटना झाझा प्रखंड में सुरक्षा और जल निकायों के आसपास सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करती है। ग्रामीणों और अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी

