अब रजिस्टर नहीं, टैबलेट से बनेगी शिक्षकों की हाजिरी
जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित करने की पहल की है कि सभी शिक्षक समय पर विद्यालय आएं और निर्धारित समय पर जाएं, जिससे बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से संचालित हो सके। इसी उद्देश्य से शिक्षकों की उपस्थिति रजिस्टर के साथ मोबाइल और अब टैबलेट के माध्यम से दर्ज करने की प्रक्रिया सभी विद्यालयों में शुरू करने की तैयारी चल रही है।
इस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिले के सभी सरकारी विद्यालयों को दो-दो टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इन टैबलेट के माध्यम शहर के दुर्गा मध्य विद्यालय में टैबलेट से हाजिरी बनाते प्रधानाध्याक से शिक्षकों की हाजिरी जल्द ही बननी शुरू हो जाएगी। टैबलेट से बनी उपस्थिति के आधार पर ही शिक्षकों का वेतन भुगतान किया जाएगा। हालांकि, कई विद्यालयों में पहले से ही टैबलेट से शिक्षक हाजिरी बना रहे हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस नई तकनीकी व्यवस्था से विद्यालयों में अनुशासन बढ़ेगा और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद एवं समग्र शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी गौरव राज ने बताया कि टैबलेट से हाजिरी बनाने की प्रक्रिया को लागू करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। यह व्यवस्था जल्द ही सभी विद्यालयों में पूरी तरह से लागू कर दी जाएगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता में सुधार होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की जवाबदेही तय करना और विद्यार्थियों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। विद्यालयों में टैबलेट उपलब्ध कराने के बाद संबंधित शिक्षकों और कर्मियों को इसके उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े लोगों में इस पहल को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

