शिक्षक भर्ती नहीं आने से डीएलएड से यूपी वालों का मोहभंग, बाहरियों में क्रेज
प्रयागराज, । परिषदीय स्कूलों में 2018 के बाद से शिक्षक भर्ती नहीं आने का नतीजा सीधे तौर पर डीएलएड प्रवेश पर दिखने लगा है। आलम यह है कि डीएलएड के 2025 सत्र की कुल सीटों के सापेक्ष 40 प्रतिशत ही भरी जा सकी हैं। एक तरफ उत्तर प्रदेश के युवाओं का इस प्रशिक्षण से मोहभंग हो रहा है तो वहीं दूसरी ओर गैर राज्यों (बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान आदि) के बेरोजगारों का रुझान बढ़ता दिखाई पड़ रहा
डीएलएड 2025 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया 28 मार्च को पूरी हुई है। प्रदेश के 67 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) की 10600 व 3,304 निजी एवं अल्पसंख्यक कॉलेजों की 2,28,900 कुल 2,39,500 सीटों में से महज 95817 (10309 अल्पसंख्यक) सीटें ही भरी जा सकी हैं। इनमें भी लगभग 30 फीसदी या 29 हजार सीटों पर दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों ने प्रवेश लिया है। इस साल डीएलएड प्रवेश के लिए कुल 124230 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था जिनमें से 37333 दूसरे राज्यों के थे। इसके उलट डीएलएड के पिछले सत्र 2024 में तकरीबन दोगुने 191162 (11118 अल्पसंख्यक) अभ्यर्थियों ने प्रवेश लिया था। पिछले साल जब पहली बार गैर राज्य के अभ्यर्थियों के लिए डीएलएड में प्रवेश के दरवाजे के खोले गए थे तब 34124 अभ्यर्थियों ने ही आवेदन किया था। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी के अनुसार डीएलएड की प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस सत्र में 95817 प्रशिक्षुओं ने प्रवेश लिया है।

