Primary Ka Master Latest Updates👇

Thursday, April 2, 2026

मात्र अपूर्ण’ लिख आवेदन रद्द करना न्याय संगत नहीं

मात्र अपूर्ण’ लिख आवेदन रद्द करना न्याय संगत नहीं

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बलिया में बांसडीह के तहसीलदार द्वारा जाति प्रमाणपत्र जारी करने संबंधी आवेदन निरस्त करने वाला आदेश रद कर दिया है। कोर्ट ने कहा, केवल ‘इनकंपलीट’ लिख कर आवेदन निरस्त करना न्याय संगत नहीं है।



कोर्ट ने मामले को तहसीलदार को वापस भेजते हुए एक महीने के भीतर विधि अनुरूप सकारण आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव तथा न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने नाबालिग निरंजन शाह की याचिका स्वीकार करते हुए दिया है।




याची की तरफ से अधिवक्ता अंतरिक्ष वर्मा ने कहा कि याची के माता पिता के पास अनुसूचित जाति (तुरैहा) का वैध जाति प्रमाण पत्र पूर्व से उपलब्ध है, लेकिन तहसीलदार ने उक्त जाति प्रमाणपत्र को अपूर्ण साक्ष्य बताते हुए आवेदन अस्वीकार कर दिया । याची का कहना था कि यह आदेश बिना किसी उचित कारण के जारी किया गया है और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।




राज्य सरकार की तरफ से स्थायी अधिवक्ता ने कहा कि आदेश में विस्तृत कारण दिए गए हैं। इसलिए इसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।


मात्र अपूर्ण’ लिख आवेदन रद्द करना न्याय संगत नहीं Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP UPDATEMART

Social media link