जून में बिजली बिल 10% ज्यादा, पॉवर कॉरपोरेशन ने मार्च के ईंधन अधिभार के नाम पर की बढ़ोतरी
लखनऊ। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को जून में 10% महंगे बिल का झटका लगेगा। यह बढ़ोतरी मार्च महीने के ईंधन अधिभार (फ्यूल सरचार्ज) के रूप में होगी।
नए नियमों के तहत ईंधन अधिभार की दर घटती-बढ़ती रहती है। उपभोक्ताओं से चार महीने के भीतर दूसरी बार इतना अधिभार वसूला जा रहा है। इससे पहले फरवरी में 10 फीसदी अधिभार लगाया गया था। हालांकि पॉवर कॉरपोरेशन के आदेश में कहा गया है कि यह सरचार्ज 20.61 फीसदी होता है लेकिन अभी 10 फीसदी ही वसूला जाएगा।
वहीं, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने ईंधन अधिभार में बढ़ोतरी के आदेश का विरोध किया है। परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसकी जांच कराने की मांग की है।
महंगी बिजली खरीद की जांच की मांग राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया है कि पॉवर कॉरपोरेशन ने पिछले दो साल के करीब 1400 करोड़ रुपये के बकाये को चुपचाप वसूलने की तैयारी की है। विद्युत नियामक आयोग के टैरिफ आदेश में वास्तविक विद्युत खरीद लागत 4.94 रुपये प्रति यूनिट अनुमोदित की गई थी जबकि पॉवर कॉरपोरेशन ने मार्च 2026 में लगभग 5.86 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद दर्शाते हुए उपभोक्ताओं पर लगभग 1610 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार डाला है।
परिषद अध्यक्ष ने मांग की है कि मार्च 2026 में महंगी बिजली किन परिस्थितियों में और किन निजी कंपनियों से खरीदी गई, इसकी जांच कराई जाए।
■ ऐसे समझें ईंधन अधिभार शुल्क ईंधन अधिभार शुल्क बिजली के उत्पादन की लागत में आने वाले उतार-चढ़ाव को समायोजित करने के लिए लगाया जाता है। जब बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कोयले या अन्य ईंधन के दाम बढ़ जाते हैं या बिजली खरीदने की लागत बढ़ जाती है तो उसका कुछ भार बिजली उपभोक्ताओं पर इस शुल्क के जरिये डाला जाता है। इसी वजह से बिजली की मूल दरें स्थिर होने के बावजूद जून 2026 के बिल में कुल राशि बढ़कर आएगी।
■ घरेलू बजट पर असर यूपीपीसीएल के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर घरेलू, व्यावसायिक और छोटे व कुटीर उद्योगों पर पड़ेगा। गर्मी की वजह से एसी, कूलर के ज्यादा इस्तेमाल और एलपीजी सिलेंडर को लेकर बनी हुई अनिश्चितता के कारण इलेक्ट्रिक उपकरणों के इस्तेमाल से बिजली बिल पहले ही बढ़कर आ रहे हैं। वहीं, अब ईंधन अधिभार शुल्क में 10 फीसदी की वृद्धि बिजली उपभोक्ताओं के बजट पर दबाव डाल सकती

