यूपी जनगणना 2027: नो ड्यूटी इन नून! प्रातः 8:00 बजे से पहले और सायं 4:00 बजे के बाद की टाइमिंग हुई निर्धारित
उत्तर प्रदेश में आगामी जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। मई और जून की भीषण गर्मी और संभावित लू (Heatwave) के प्रकोप को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने फील्ड में उतरने वाले लाखों प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
📣 महत्वपूर्ण बिंदु:
अवधि: 22 मई से 20 जून 2026 तक।
कुल कर्मी: लगभग 5.5 लाख।
मुख्य कार्य: मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना।
प्रमुख सचिव अपर्णा यू० द्वारा प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DM) और मुख्य चिकित्साधिकारियों (CMO) को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना कार्य के दौरान कार्मिकों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
📣 22 मई से शुरू होगा 'मकानसूचीकरण' का कार्य
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार, जनगणना 2027 के प्रथम चरण 'मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना' का कार्य 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक संचालित किया जाना है। इस विशाल अभियान के लिए पूरे प्रदेश में लगभग 5.5 लाख प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की तैनाती की जा रही है, जो घर-घर जाकर आंकड़ों का मिलान करेंगे।
गर्मी से बचाव के लिए बदले गए कार्य नियम
चूंकि यह अवधि ग्रीष्म ऋतु का चरम समय है, इसलिए शासन ने फील्ड कार्य के समय में महत्वपूर्ण बदलाव के निर्देश दिए हैं:
📌 कार्य का समय: प्रशासन द्वारा फील्ड में तैनात कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, जिसके तहत अब उन्हें दोपहर की भीषण धूप में काम नहीं करना होगा।
निर्देशों के अनुसार, गणना और फील्ड वर्क का समय इस प्रकार निर्धारित किया गया है कि कार्य केवल प्रातः 8:00 बजे से पहले और सायं 4:00 बजे के बाद ही संपन्न किया जाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी और लू के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से कर्मचारियों को बचाना है।
दोपहर के समय काम पर रोक लगाने से न केवल कर्मचारियों को शारीरिक राहत मिलेगी, बल्कि अनुकूल वातावरण में काम करने से उनकी कार्यक्षमता और गणना की शुद्धता में भी वृद्धि होगी। यह निर्णय कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
📌 प्रशिक्षण सत्र: जनगणना से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी सुबह 8:00 बजे से प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रशिक्षण स्थल पर तापमान बढ़ने से पहले सत्र संपन्न हो सके U.S.

