Primary Ka Master Latest Updates👇

Wednesday, May 6, 2026

यूपीएससी नतीजों में दिखेगी उप-जाति

 यूपीएससी नतीजों में दिखेगी उप-जाति

नई दिल्ली: देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा, सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों में अब एक बड़ा और पारदर्शी बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को एक महत्वपूर्ण सिफारिश भेजी है। इसमें कहा गया है कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के अंतिम चयन परिणामों में केवल मुख्य श्रेणियों (एसएससी, एसटी, ओबीसी) का ही जिक्र न हो, बल्कि अभ्यर्थियों की उप-जाति का विवरण भी शामिल किया जाए। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षण और सकारात्मक कार्रवाई का लाभ वास्तव में उन वर्गों तक पहुंच रहा है या नहीं, जो अब भी हाशिए पर हैं।


आरक्षण का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने की पहल


सीआईसी ने डीओपीटी को जो सिफारिश भेजी है, उसका मूल आधार सामाजिक न्याय को और अधिक पारदर्शी बनाना है। आयोग ने माना कि वर्तमान में उप-जाति का डाटा उपलब्ध न होना एक तकनीकी कमी हो सकती है, लेकिन भविष्य के लिए यह एक अनिवार्य सुधार है। आयोग के अनुसार, जब व्यापक श्रेणियों के साथ उप-जातियों का नाम भी सार्वजनिक होगा, तो यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरक्षण का लाभ किसी एक विशेष प्रभावशाली समूह तक सीमित तो नहीं है। इस पारदर्शिता से न केवल नीतियों का बेहतर मूल्यांकन होगा, बल्कि बड़े जाति समूहों के भीतर मौजूद विविध समुदायों को भी प्रतिनिधित्व का उचित अवसर मिल सकेगा।


आरटीआई आवेदन से खुला डाटा का अभाव


यह मामला तब सामने आया जब एक आरटीआई आवेदक ने 1995 की सिविल सेवा परीक्षा में चयनित आईएएस अधिकारियों की जाति-वार जानकारी मांगी थी। सुनवाई के दौरान विभाग ने स्वीकार किया कि उनके पास केवल व्यापक श्रेणियों (जैसे अनुसूचित जाति या पिछड़ा वर्ग) का डाटा उपलब्ध है, उप-जाति के स्तर पर रिकॉर्ड नहीं रखा जाता। विभाग ने यह भी बताया कि 1995 जैसे पुराने रिकॉर्ड अब उपलब्ध नहीं हैं, हालांकि 2017 के बाद के परिणाम पोर्टल पर मौजूद हैं।


आयोग ने स्पष्ट किया कि हालांकि इस मामले में अधिकारियों की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई, लेकिन भविष्य के परिणामों में उप-जाति विवरण को जोड़ना एक दूरगामी कदम साबित होगा।



यूपीएससी नतीजों में दिखेगी उप-जाति Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP UPDATEMART

Social media link