कैबिनेट फैसला: जन्म-मृत्यु की सूचना देरी से दी तो शुल्क लगेगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में जन्म और मत्यु पंजीकरण नियमावली को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत अगर पंजीकरण के लिए जन्म और मृत्यु की सूचना 21 दिन बाद दी जाती है तो आवेदक से फीस ली जाएगी। फीस की रकम देरी के साथ बढ़ती जाएगी।
जन्म या मृत्यु की सूचना 21 दिन के भीतर प्राप्त होने पर रजिस्ट्रार के आदेश से निशुल्क जारी किए जाएंगे। वहीं, 21 से 30 दिनों के भीतर यह सूचना मिलने पर 20 रुपये का शुल्क प्रमाण पत्र जारी करने के लिए लिया जाएगा। एक साल से पहले अगर जन्म या मृत्यु की सूचना दी जाती है तो 50 रुपये फीस ली जाएगी। हालांकि, इस दशा में रजिस्ट्रार सीधे प्रमाणपत्र जारी नहीं कर सकेंगे। ऐसी स्थिति में जिला रजिस्ट्रार अथवा अपर जिला रजिस्ट्रार के आदेश से रजिस्ट्रार जारी करेंगे। वहीं, एक साल के बाद सूचना देने पर 100 रुपये फीस ली जाएगी।
रिकॉर्ड की अनुपलब्धता का प्रमाण पत्र भी मिलेगा
अगर किसी भी व्यक्ति के जन्म या मृत्यु संबंधी कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं है तो उसके लिए रिकॉर्ड की अनुपलब्ता का भी प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसके लिए भी आवेदक को तय की गई फीस, यानी 20 रुपये देने होंगे। वहीं, पहले साल अगर किसी एक प्रमाण पत्र के बारे में जानकारी लेनी होगी तो इसके लिए 20 रुपये देने होंगे। वहीं इसके बाद हर अतिरिक्त वर्ष के लिए 20 रुपये और देने होंगे। हर जन्म या मृत्यु से संबंधित प्रमाण पत्र दोबारा प्राप्त करने के लिए 50 रुपये देने होंगे।

